
कोर्ट के आदेश को अनदेखा कर नर्सरी की जमीन पर चल रही हैं व्यावसायिक गतिविधियां
जयपुर . मास्टर प्लान के अनुसार सुव्यवस्थित विकास के हाईकोर्ट के आदेश की पालना करवाने वाले ही इसमें अड़ंगा लगा रहे हैं। अजमेर रोड, पुरानी चुंगी के आगे नर्सरी की जमीन पर व्यावसायिक गतिविधि धड़ल्ले से संचालित हो रही है। जमीन पर काबिज लोग रेस्टोरेंट, मार्बल शोरूम से लेकर कई व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं। जबकि, इस जगह पर किसी तरह की गतिविधि की इजाजत नहीं है।
इस मामले में जेडीए की मौका रिपोर्ट में अवैध गतिविधि मानी गई है। लेकिन कार्रवाई के नाम पर मिलीभगत का खेल चल रहा है। जबकि, ये ही अफसर शहर के गली-मोहल्लों में जाकर ऐसी गतिविधि रुकवाने का काम कर रहे हैं। हालांकि, मुख्य नियंत्रक (प्रवर्तन) ऐसे मामलों में सीधे मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
यह है पूरा मामला
बहुउद्देश्यीय आवासीय वाणिज्यिक औद्योगिक सेक्टर-1 सी योजना के तहत राजस्व ग्राम सुशीलपुरा के खसरा संख्या 198 में 23 बीघा 10 बिस्वा जमीन अवाप्त की गई। करीब 8 बीघा जमीन खाली है। इसे अवाप्त मुक्त कर योजना बसाने के लिए काबिज लोग सक्रिय हुए। अभी तक कार्रवाई नहीं होने से जयपुर विकास प्राधिकरण के अफसरों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मास्टर प्लान में नर्सरी दर्ज, कद्र क्यों नहीं
मास्टर प्लान में यह जमीन नर्सरी (ओचार्ड) के रूप में दर्शित है। जोधपुर हाईकोर्ट ने भी मास्टर प्लान की अशरक्ष: पालना के आदेश दे रखे हैं। इसकी पालना कराने की जिम्मेदारी सरकार के साथ—साथ जेडीए, नगर निगम की भी है।
रिपोर्ट की जरूरत नहीं
मास्टर प्लान के विपरीत निर्माण के ऐसे मामलों में सभी को स्थिति पता है। ऐसे में बार-बार रिपोर्ट लेने की जरूरत है ही नहीं और न ही शिकायत का इंतजार करने की जरूरत। जेडीए सीधे कार्रवाई कर सकता है। क्योंकि, व्यावसायिक गतिविधि संचालन की अनुमति है ही नहीं।
जेडीए के मुख्य नियंत्रक (प्रवर्तन) राजेन्द्र सिंह सिसोदिया ने कहा की ऐसी किसी तरह की गतिविधि को अनुमति नहीं देंगे, जिससे एक्ट व कोर्ट आदेश की अवहेलना हो। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई होगी।
Published on:
23 May 2018 12:22 pm
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