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राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार-राजनीतिक नियुक्तियां होंगी पर समय सीमा तय नहीं

राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर एक बार फिर कांग्रेस में खींचतान शुरू हो चुकी है। वहीं कांग्रेस की ओर से स्पष्ट कर दिया गया है कि यह दोनों ही काम होंगे, लेकिन इसके लिए फिलहाल कोई समय सीमा तय नहीं की गई है।

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शादाब अहमद/नई दिल्ली/जयपुर। राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर एक बार फिर कांग्रेस में खींचतान शुरू हो चुकी है। वहीं कांग्रेस की ओर से स्पष्ट कर दिया गया है कि यह दोनों ही काम होंगे, लेकिन इसके लिए फिलहाल कोई समय सीमा तय नहीं की गई है। राजस्थान के राजनीतिक घटनाक्रम पर सही समय आने पर कांग्रेस आलाकमान की प्रतिक्रिया दी जाएगी।

राजस्थान में करीब एक साल बाद फिर से सत्ता संघर्ष मुखर हो गया है। पिछले साल सत्ता संघर्ष समाप्त होने के दौरान पर्दे के पीछे किए वादों को पूरा नहीं होने से पायलट खेमे के विधायक बगावती तेवर दिखाने लग गए हैं। इस बीच कांग्रेस के अधिकारिक सूत्रों ने कहा कि राजस्थान में मंत्रिमंडल फेरबदल और राजनीतिक नियुक्तियां होनी ही है। यह सही है कि विधानसभा के उपचुनाव के बाद यह सब होना था, लेकिन कोरोना महामारी आ गई। इसके चलते यह काम अटक गए।

अब कोरोना संक्रमण भी कम हो रहा है। जल्द ही दोनों बातों को लेकर फैसला हो जाएगा, लेकिन इसके लिए समय सीमा तय नहीं की जा सकती। राजनीति में समय सीमा तय करने से कई बार समस्या हो जाती है। ऐसा राजस्थान में इस वर्ष के शुरुआत में देखने को मिल चुका है। वहीं विधायक हेमाराम चौधरी के इस्तीफे को लेकर बात चल रही है। जल्द ही मामला सुलझा लिया जाएगा। जबकि वेद प्रकाश सोलंकी के बयान को प्रेशर पॉलीटिक्स से जोड़कर देखा जा रहा है।

जल्दी नहीं करना चाहता आलाकमान-
कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि राजस्थान के घटनाक्रम पर आलाकमान की निगाह जमी हुई है। जल्दबाजी में कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी जाएगी। एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता का कहना है कि फिलहाल पायलट खेमे के दो विधायक सामने आए हैं। यदि बयानबाजी आगे बढ़ती है तो गहलोत खेमे के मंत्री-विधायक भी सामने आ सकते हैं। ऐसे में टकराव की स्थिति बन सकती है।

आलाकमान इस तरह के हालात को टालने की कोशिश में है। वैसे भी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी व पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी हर दूसरे-तीसरे दिन प्रदेश प्रभारियों से उनके प्रभार वाले राज्यों का फीडबैक ले रहे हैं। स्वाभाविक है कि राजस्थान के प्रभारी महासचिव अजय माकन से भी राजस्थान में कोरोना संकट के साथ राजनीतिक हालात पर फीडबैक लिया जा रहा है।