
जयपुर। भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक ने राजस्थान में दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के कार्यान्वयन पर निष्पादन संबंधी 7वीं रिपोर्ट और पंचायती राज संस्थाओं से संबन्धित रिपोर्ट पिछले दिनों राज्य सरकार को सौंप दी है। अब ये रिपोर्ट विधानसभा के पटल पर रखी जायेगी। दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के कार्यान्वन पर निष्पादन संबंधी रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2019-20 एवं पंचायती राज संस्थाओं से संबन्धित रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2020-21 से सम्बन्धित नियंत्रक महालेखा परीक्षक की टिप्पणियां और आक्षेप शामिल हैं।
संविधान के अनुच्छेद 151 के अनुसार नियंत्रक और महालेखा परीक्षक को हर साल राज्य सरकार और उनके सार्वजनिक क्षेत्रों के उपक्रमों के लेखों के संबंध में अपनी रिपोर्ट सौंपनी होती है। यह लेखा परीक्षण संबंधित राज्य के महालेखाकार द्वारा नियंत्रक और महालेखा परीक्षक के निर्देशन में किया जाता है।राजस्थान विधानसभा का सत्र पिछले दिनों ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया गया था। अब तो गहलोत सरकार जनवरी में बजट सत्र बुलाएगी और उसी में सीएजी की ये रिपोर्ट पेश की जाएगी।
Published on:
06 Oct 2022 05:45 pm
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