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कैमल फेयर का खिताब हासिल कर चुके पुष्कर मेले में नहीं बढ़ी ऊंटों की संख्या

गत वर्ष के मुकाबले नहीं बढ़ी पशुओं की संख्या

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Camel Fair did not increase the number of camels in the Pushkar fair

Camel Fair did not increase the number of camels in the Pushkar fair



जयपुर
अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पुष्कर मेले की शुरूआत हो चुकी हैं। हालांकि पहले चरण में पशु मेला 28 अक्टूबर से शुरू हो गया हैं। लेकिन मेले का विधिवत शुभारंभ 4 नवम्बर से होगी। मेले की खासियत रेगिस्तान का जहाज ऊंट हैं। जहां अजमेर में मेले का रंग चढ़ने लगा है और मेले में पशुपालक ऊंट पहुंचने लगे हैं। लेकिन कैमल फेयर का खिताब हासिल कर चुके इस पुष्कर मेले में ऊंटों की संख्या नहीं बढ़ी हैं। ऊंट ही नहीं बल्कि अन्य पशुओं की संख्या भी इस बार भी बढ़ती नजर नहीं आ रही हैं। हालाकि मेला प्रशासन की से मिली जानकारी के अनुसार पशु पालकों के अस्थाई डेरा जमाने के साथ देशी-विदेशी सैलानियों की भी आवक बढ़ने लगी है। सैलानी ऊंट पर सवार होकर मेला मैदान का रुख कर रहे हैं। लेकिन गत सालों से इस साल भी मेले में पशुओं की आवक लगातार घट गई हैं। हालांकि इस साल अब तक मेले में एक हजार से अधिक पशु आ चुके हैं। जिसमें सबसे ज्यादा करीब 750 उंटों की संख्या हैं। वहीं घोड़ों की बात की जाए तो 250 से अधिक आए हैं। इसके अलावा मेले में आने वाले गाय और भैंस का आंकड़ा अभी दहाई को ही छू पाया हैं। हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मशहूर पुष्कर पशु मेले में अब धीरे-धीरे पशुओं की आवक बढ़ेगी। लेकिन गत वर्ष तक पशुओं का आंकड़ा इस समय एक हजार को पार कर गया है। मेले में विभिन्न प्रजाति के एक हजाार से अधिक पशु आ चुके थे। इनमें सर्वाधिक करीब आठ सौ ऊंटों की संख्या थी। वहीं घोड़े जबकि अश्व वंश 250 थी। हालांकि इस बार पशुपालकों की संख्या में इजाफा होने की उम्मीद थी लेकिन वह नजर नहीं आ रही हैं।
100 वर्ष से भी पुराना है मेला
पुष्कर मेले में लगने वाले कैमल फेयर को दुनिया के सबसे बड़े कैमल फेयर का खिताब हासिल है। हालांकि बिहार के सोनपुर में लगने वाले मेला को दुनिया के सबसे बड़े पशु मेले का दर्जा हासिल है। इस कैमल फेयर का इतिहास 100 वर्ष से भी पुराना है। यहां पर लोग गीर, मेवती और नागौरी जैसे बढ़िया नस्ल के ऊंटों के अलावा घोड़े, गधे और बैल खरीदने भी आते हैं। पशुपालन विभाग के ताजा आकंड़ों के अनुसार, अब तक विभिन्न प्रजाति के लगभग एक हजार पशुओं की आमद दर्ज की गई हैं। पशु मेले की भी विधिवत शुरुआत 4 नवम्बर से होगी लेकिन पशुपालन विभाग की ओर से औपचारिक रूप से मेला 28 अक्टूबर से शुरू हो गया है।