
स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट
जयपुर. सवाई मानसिंह अस्पताल से कैंसर विभाग भले ही प्रताप नगर स्थित स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में शिफ्ट हो गया है। लेकिन, कैंसर रोगियों की समस्या जस की तस बनी हुई है। स्थिति ये है कि अभी भी कैंसर के रोगी स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट और एसएमएस अस्पताल की 13 किलोमीटर लंबी दूरी के बीच परेशान हो रहे है। चौंकाने वाली बात है कि उन्हें गंभीर हालत में भी चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। क्योंकि, अभी तक यहां पर इमरजेंसी सुविधा पूर्ण रूप से शुरू नहीं हुई है।
दरअसल, कैंसर मरीजों को एक ही छत के नीचे संपूर्ण चिकित्सा सुविधा मिल सके, इसके लिए 100 करोड़ रुपए की लागत स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट बनाया गया। गत माह सवाई मानसिंह अस्पताल से कैंसर विभाग यहां शिफ्ट किया जा चुका है। जिससे यहां पर मेडिकल ओंकोलॉजी, रेडियोथैरेपी और सर्जिकल ओंकोलॉजी विभाग की ओपीडी पूरी तरह से शुरू हो गई है। इसके बावजूद भी अस्पताल में इमरजेंसी चिकित्सा व्यवस्था ढंग से शुरू नहीं हो सकी है।
पड़ताल में पता चला कि, यहां लिम्फोमा वार्ड को ही इमरजेंसी घोषित किया हुआ है। चौंकाने वाली बात है कि इस वार्ड में लिम्फोमा के मरीज भर्ती हैं। ओपीडी समय में अगर कोई मरीज आता है तो ओपीडी से डॉक्टर बुलाकर दिखवा देते हैं। जरूरत के हिसाब से उसे शिफ्ट या छुट्टी दे देते हैं। ओपीडी समय पूरा होने के बाद आने वाले कई गंभीर रोगियों को दिक्कत हो रही है। उन्हें एसएमएस भेजा जा रहा है। वहां से उन्हें यहां भेजा जा रहा है। दोनों के बीच मरीज व उनके परिजन घनचक्कर होते रहते हैं।
तीन घंटे तक मरीज को लेकर घूमते रहे परिजन
सोमवार को भरतपुर निवासी 66 वर्षीय कैंसर रोगी मिथलेश देवी की तबीयत बिगड़ गई। सांस लेने में दिक्कत व पेट में तेज दर्द की शिकायत पर परिजन उसे एसएमएस की इमरजेंसी लेकर पहुंचे। यहां से उसे स्टेट कैंसर भेज दिया गया। वहां गए तो स्टाफ ने इमरजेंसी की सुविधा उपलब्ध न होने की बात कह कर वापस एसएमएस भेज दिया। वापस एसएमएस की इमरजेंसी में पहुंचे तो डॉक्टरों को आग्रह करने पर उन्होंने कैंसर की बजाय मेडिसिन विभाग में भर्ती कर दिया।
इसलिए हो रही परेशानी
एसएमएस अस्पताल से कैंसर विभाग स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में शिफ्ट हो गया है। जिससे चिकित्सक, स्टाफ को वहां लगा दिया गया। इस वजह से इमरजेंसी में गंभीर हालत में आने वाले कैंसर रोगी को भर्ती करने की बजाय स्टेट कैंसर भेजा जा रहा है। वहां भी उसे भर्ती नहीं करने पर वापस आने पर मरीज को कैंसर की बजाय दूसरे विभागों में भर्ती किया जा रहा है।
पता करवाता हूं
एसएमएस अस्पताल से स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में कैंसर विभाग अभी 70 फीसदी ही शिफ्ट हो पाया है। स्टेट कैंसर में भी इमरजेंसी चिकित्सा व्यवस्था शुरू हो गई है। परेशानी जैसी कोई बात नहीं है फिर भी अगर ऐसी कोई दिक्कत है तो पता करवाता हूं।
-डॉ. संदीप जसूजा, अधीक्षक, स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट
Published on:
06 Dec 2023 02:20 pm
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