
Cancerous tumor removed from the small intestine without surgery
intestinal cancer: करीब एक साल से छोटी आंत के कैंसर से जूझ रही 28 वर्षीय विनीता (परिवर्तित नाम) के लिए नई तकनीक वरदान साबित हुई। छोटी आंत के मुंह पर सामान्यतः दो से ढाई सेमी की होने वाला कैंसर ट्यूमर जब विनिता में पांच सेमी का डायग्नोस हुआ। उसके बाद भी डॉक्टर्स ने बिना सर्जरी के ट्यूमर निकाल दिया। डॉक्टर्स ने नवीनतम तकनीक एंडोस्कोपिक म्यूजल रिसेक्शन (ईएमआर) से पहली स्टेज के कैंसर ट्यूमर का सफल इलाज कर मरीज की जान बचाई। पेट एवं लिवर रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज श्रीमाल ने बताया कि मरीज करीब एक साल से तकलीफ में थी। उसे हर समय तेज पेट दर्द व उल्टियां होने की समस्या हो रही थी। कई जगहों से परामर्श लेने और पूर्व में एंडोस्कोपी जांच में पांच सेमी की गांठ डायग्नोस होने पर सभी ने उसे सर्जरी कर ट्यूमर निकलवाने की सलाह दी थी।
एंडोस्कोपी के जरिए ही निकाल दिया ट्यूमर
एसआर कल्ला अस्पताल के गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ. मुकेश कल्ला ने बताया कि हमने जब मरीज की दोबारा एंडोस्कोपी की तो उसे बिना सर्जरी के ही निकालने का निर्णय लिया। इसके लिए ईएमआर तकनीक का इस्तेमाल किया गया। इस तकनीक से आंत से संबंधित कैंसर को एंडोसकोपी से निकाला जा सकता है। जिस जगह पर ट्यूमर था, वहां सामान्यतः दो से ढाई सेमी का ट्यूमर होता है, लेकिन इस केस में ट्यूमर काफी बड़ा था। ऐसे में एंडोस्कोपी से ट्यूमर निकालना काफी चुनौतीपूर्ण था। प्रोसीजर में मरीज को कोई तकलीफ नहीं हुई और उसके शरीर से कैंसर को पूरी तरह खत्म कर दिया गया। प्रोसीजर के चार दिन बाद मरीज को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।
Published on:
01 Oct 2021 06:36 pm
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