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कार्डियोवैस्कुलर एंड थोरेसिक सर्जन- लाइव सर्जरी से मुश्किलों को दूर करना सिखाया

जयपुर में 1400 से अधिक डॉक्टर्स कर रहे कार्डियक सर्जरी की तकनीक पर चर्चा

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Cardiovascular and Thoracic Surgeon

Cardiovascular and Thoracic Surgeon

जयपुर
इंडियन एसोसिएशन ऑफ कार्डियोवैस्कुलर एंड थोरेसिक सर्जन की ओर से जयपुर में कार्डियक सर्जरी के विभिन्न विषयों और तकनीक को लेकर चर्चा की जा रही है। चार दिवसीय इस नेशनल कॉन्फ्रेंस में आज वेटलैब वर्कशॉप आयोजित की गई। जिसमें ओटी से लाइव सर्जरी का कॉन्फ्रेंस हॉल तक प्रसारण कर हार्ट सर्जरी में आने वाली मुश्किलों को दूर करना सिखाया गया।

कॉन्फ्रेंस के आयोजन सचिव व एसएमएस अस्पताल के कार्डियक सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. राजकुमार यादव ने बताया कि चार दिवसीय इस 68वीं वार्षिक कॉन्फ्रेंस आइएसीटीएस कॉन-2022 में 1400 से अधिक डेलीगेट्स शामिल हो रहे हैं। इनमें 700 से अधिक डेलीगेट्स ऑफलाइन भाग लेंगे। कार्डियक सर्जरी से जुड़ी जानकारी का प्रसार अधिक से अधिक हो, इसलिए इस कॉन्फ्रेंस की थीम ज्ञान का प्रसार और कौशल को सुगम बनाना रखा गया है।

कॉन्फ्रेंस में देशभर से नामी कार्डियोवैस्कुलर थोरेसिक सर्जन भाग ले रहे है।

जिनमें मेदांता हॉस्पिटल के डॉ. नरेश त्रेहान, चेन्नई के डॉ. के आर बालाकृष्णन, दिल्ली एम्स के कार्डियक सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. शिव कुमार चौधरी, डॉ. बलराम ऐरन, दिल्ली फॉर्टिस एस्कॉर्ट्स के डॉ. युगल मिश्रा, मुंबई से डॉ. सुरेश राव जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

इस दौरान कॉन्फ्रेंस में हार्ट ट्रांसप्लांट, लंग्स ट्रांसप्लांट, पीडियाट्रिक हार्ट सर्जरी, हार्ट वाल्व सर्जरी, बायपास सर्जरी से जुड़ी नवीनतम तकनीकों और रिसर्च वर्क के बारे में जानकारी दी जा रही है।

कॉन्फ्रेंस के ऑर्गेनाइजिंग चेयरमैन डॉ. सीपी श्रीवास्तव ने बताया कि पहले दिन मिनिमल इन्वेंसिस कार्डियक सर्जरी, हार्ट ट्रांसप्लांटेशन, लंग्स ट्रांसप्लांट, आर्टरियल ग्राफ्टिंग, री-डू बायपास सर्जरी, माइट्रल रिपेयर जैसे विषयों पर एक्सपर्ट्स ने विचार विमर्श किया ।

पहले दिन गुरुवार को चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा ने भी भाग लिया। जिन्होंने कहा कि जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में भी इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोवैस्कुलर साइंस इमरजेंसी विकसित की जा रही है।