
दीपावली अवकाश के बाद आज से हाईकोर्ट में शुरू हुई नियमित सुनवाई
जयपुर. अलवर जिले के बहरोड इलाके में बंधुआ मजदूरी के मामले में अलवर जिला कलेक्टर और भिवाड़ी पुलिस अधीक्षक राजस्थान हाईकोर्ट में पेश हुए। अधिकारियों ने कोर्ट को बताया कि नोटिस मिलने के साथ ही बंधुआ मजदूरों को मुक्त करवा लिया है। ईंट भट्टा मालिक के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करवाया गया है। इस पर न्यायाधीश पंकज भंडारी और न्यायाधीश अनूप कुमार ढंढ ने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक की तत्काल कार्रवाई की प्रशंसा करते हुए बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को निस्तारित कर दिया।असम निवासी अपेजुल रहमान ने राजस्थान में याचिका दायर की थी। जिसमें कहा था कि अलवर के बहरोड इलाके में करीब तीस मजदूरों को बंधक बनाकर मजदूरी करवाई जा रही है। इस पर कोर्ट ने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक भिवाड़ी को तलब करते हुए मजदूरों को मुक्त करवाकर पेश करने आदेश दिए थे। कोर्ट का नोटिस मिलने के बाद जिला कलेक्टर के निर्देश पर 27 अक्टूबर को भिवाड़ी पुलिस ने सभी बंधकों को मुक्त करवा लिया था। इन मजदूरों के साथ जिला कलेक्टर अलवर जितेंद्र सोनी और पुलिस अधीक्षक भिवाड़ी शांतनु कुमार कोर्ट पहुंचे। सरकारी अधिवक्ता एनएस गुर्जर ने सभी मजदूरों की उपिस्थति रजिस्ट्रार न्यायिक के सामने दर्ज करवाई गई। जिसमें आठ पुरुष, नौ महिला और 13 बच्चे थे। पुलिस ने भट्टा मालिक के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया है।
Published on:
01 Nov 2022 08:54 pm
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