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मुम्बई में सेण्ट्रल हज कमेटी के सामने रखी प्रदेश के हाजियों की परेशानी

ऑल इण्डिया स्टेट हज चेयरमैन की बैठक में रिव्यू कमेटी के सामने गिनाई परेशानियां

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jaipur

जयपुर। सोमवार को मुम्बई स्थित हज हाउस में देश भर के स्टेट हज कमेटियों के सदर ने नई हज नीति की रिव्यू कमेटी के साथ बैठक में हिस्सा लिया। बैठक की अध्यक्षता सेण्ट्रल हज कमेटी के चेयरमैन चौधरी महबूब आलम ने की। बैठक में एम.ए. खान, सीईओ सेण्ट्रल हज कमेटी ऑफ इण्डिया, निजामुद्दीन, डिप्टी सेकेटरी, मिनिस्ट्री ऑफ माइनोरिटीज अफेयर्स, सेंट्रल हज कमेटी ऑफ इण्डिया के सदस्य, देश के सभी राज्यों के हज कमेटी के चेयरमैन मौजूद थे।

राजस्थान स्टेट हज कमेटी के चेयरमैन अमीन पठान ने नई हज नीति में किए गए प्रावधानों पर अपने सुझाव दिए। पठान ने सेंट्रल हज कमेटी के सामने प्रदेश के हाजियों की परेशानी को पुरज़ोर तरीके से रखा जिस पर सेंट्रल कमेटी के सदस्यों ने अपनी सहमति भी जताई। सोमवार को हुई बैठक के बाद रिव्यू कमेटी 2 नवम्बर को दिल्ली में मुख्तार अब्बास नकवी के साथ बैठक कर सभी चेयरमैन के सुझाव रखेगी। 15 नवम्बर तक नई हज नीति बनेगी। बैठक में बंद किए सभी एम्बार्केशन प्वॉइंट्स को फिर से चालू करने के संकेत भी मिले हैं।

ये सुझाव रखे कमेटी के सामने

-राज्य सरकार की ओर से हज यात्रियों के साथ जो खादिम-उल-हुज्जाज भेजे जाते हैं उनकी संख्या में कटौती करते हुए इस कोटे में 50 फीसदी निजी खादिम-उल-हुज्जाज भेजे जाएं
-नई हज नीति में निजी ट्यूर ऑपरेटर्स का कोटा बढऩे से राजस्थान से जाने वाले हज यात्रियों के कोटे पर सीधे असर पड़ेगा। इसलिए निजी ट्यूर ऑपरेटर्स के कोटे को कम किया जाए
-पिछली हज नीति के प्रावधान की तरह नई हज नीति में भी चार साल से आवेदन कर रहे लोगों का चौथे साल कन्फर्मेशन होना चाहिए। इस पर काफी बहस हुई लेकिन आधे लोगों ने इसका समर्थन भी किया
-अगर इस प्रावधान में फेरबदल नहीं किया जाता है तो इस साल चार साल से आवेदन कर रहे लोगों को हज पर भेजा जाए
-स्टेट हज कमेटी के लिए रिर्जव कोटा आरक्षित किया जाए जिसमें कम से कम 25 सीटें हों
-हज यात्रा के लिए एयर इण्डिया के अलावा दूसरी एयरलाइंस को भी आवेदन करने की अनुमति मिले ताकि हज यात्रियों की फ्लाइट समय पर जा सके
-70 साल की उम्र के बुजुर्गों को रिज़र्व कैटिगिरी में रखा जाए
-5 की जगह 10 लीटर आब-ए-जमजम प्रत्येक हाजी को दिया जाए