
8 महीनों में छीनी 80 लाख की चेनें, बदमाशों के आगे बेबस पुलिस
राजस्थान में अपराध बेलगाम है। राजधानी जयपुर अब क्राइम सिटी में तब्दील होती जा रही है। शहर में झपट्टामार और लुटेरा गिरोहों की दहशत है। हाल यह है कि इस साल आठ से नौ महीनों में राजस्थान में स्नैचिंग के मामलों में रोजाना रेकॉर्ड बन रहे हैं। राजधानी जयपुर की सड़कों पर चेन, फोन और पर्स लेकर निकलना खतरे से खाली नहीं है। बाइक सवार बदमाश मौका मिलते ही लूट की फिराक में रहते हैं। पुलिस कमिश्नरेट की ओर से जारी आंकडों पर गौर करें तो जयपुर में एक करोड़ रुपए की चेन और मोबाइल लूटे जा चुके हैं। चेन स्नैचिंग सुनने में यह अपराध छोटा लगता है लेकिन हकीकत में यह अपराध छोटा है नहीं।
झपटमारी या स्नैचिंग, जो पीड़ित के विरोध करने पर बदमाशों के हथियारों का इस्तेमाल करने से लूट या रॉबरी में तब्दील हो जाती है। पीड़ित की जान तक पर बन आती है। टू-वीलर सवार बदमाश सरेराह और दिन-दहाड़े अंजाम दे रहे हैं। हालात इतने भयावह हो चले हैं कि पहली दफा पुलिस ने स्नैचर्स पर हत्या के प्रयास की धारा लगाई है। थानाप्रभारी लखन खटाना ने बताया कि इस मामले में बदमाशों के खिलाफ 394 और 308 धारा लगाई गई थी। 308 धारा तब लगाई जाती है, जब कोई ऐसा कृत्य किया गया हो, जिससे सामने वाले व्यक्ति की जान भी जा सकती हो। बदमाश अब वारदात के लिए पीड़ितों को मौत के मुंह में धकेल रहे हैं।
इस साल सबसे ज्यादा स्नैचिंग की वारदातें
स्नैचिंग की वारदातों की बात करें तो गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष चेन, पर्स और मोबाइल स्नेचिंग की वारदातें भी बढ़ गईं। महिलाओं के गले से 115 सोने की चेन तोड़ी गई। वहीं 195 लोगों से मोबाइल और 143 पर्स छीनने की घटना हुई। जबकि गत वर्ष चेन स्नेचिंग की 92, मोबाइल स्नैचिंग की 175 और पर्स स्नैचिंग की 131 वारदात हुई। स्नैचिंग की सबसे ज्यादा वारदातें शहर की बाहरी कालोनियों से सामने आई है। अब शहर में भी वारदातें तेजी से बढ़ रही हैं।
राजधानी जयपुर में अब तक एक करोड़ रुपए से ज्यादा की चेनें और मोबाइल लूटे गए हैं। लाखों रुपयों के पर्स अलग से है। शहर में इस साल अब तक 115 चेन स्नेचिंग की वारदातें हुई हैं। औसतन डेढ़ तोला यानि करीब पंद्रह ग्राम की चेन की बाजार कीमत करीब सत्तर हजार रुपए के आस—पास है। ऐसे में 115 चेन करीब 80 लाख रुपए से ज्यादा की है। इनमें से कुछेक ही चेन बरामद की जा सकी है। 195 लोगों के स्मार्टफोन बदमाशों ने पार किए हैं। औसतन पंद्रह हजार रुपए प्रति मोबाइल के हिसाब से 29 लाख 25 हजार रुपए के मोबाइल फोन तो सिर्फ जयपुर से ही लूटे गए हैं।
केस एक— पर्स नहीं दिया तो वाहन से गिराया, आईसीयू में भर्ती
मुहाना थाना इलाके के एसएफएस चौराहे के पास 4 अक्टूबर को बाइक सवार दो बदमाशों ने पति अनिल श्रीवास्तव के साथ स्कूटी पर जा रही बालाजी विहार निवासी मीनाक्षी श्रीवास्तव का पर्स छीनने की कोशिश की। महिला ने पर्स नहीं दिया तो बदमाशों ने उसे झटका देकर नीचे गिरा दिया। परिजनों ने गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां उसका आईसीयू में उपचार चल रहा है। पुलिस ने इस मामले में तनय जांगिड़ और अजय मीना को गिरफ्तार किया था।
केस दो— स्कूटी सवार महिला के गले पर मारा झपटटा
आदर्श नगर में एक महिला चेन स्नैचरों का शिकार हो गई। महिला स्कूटी से जा रही थी। इस दौरान बाइक सवार बदमाशों ने महिला के गले से छीन झपटने का प्रयास किया। विरोध करने पर स्नैचरों के घसीटे जाने के बाद गंभीर रूप से घायल महिला को अस्पताल में भर्ती कराने की नौबत आ गई।
Published on:
20 Oct 2022 04:09 pm
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