
जयपुर। राजस्थान पुलिस के लिए आगामी कुछ दिन चुनौती भरे हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हालात यह बन गए हैं कि पुलिस आतंकियों का सुराग लगाए या फिर पदमावत के सुप्रीम कोर्ट से रिलीज करने के आदेश के बाद आक्रोशित लोगों को शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए समझाईश करे। इस बीच गणतंत्र दिवस पर होने वाले बड़े स्तर के कार्यक्रमों में कानून व्यवस्था संभाले।
गौर करने वाली बात है कि 26 जनवरी पर आतंकी हमले की संभावना जताते हुए केन्द्रीय इंटेलिजेंस ब्यूरो ने राजस्थान सहित सात राज्यों को सतर्क रहने के लिए अलर्ट जारी किया है। राजस्थान एटीएस ने भी प्रदेश पुलिस को अलर्ट किया है, साथ में खुद भी आतंकी संगठनों पर विशेष निगरानी रखे हुए है। एक साथ इतनी हार्ड ड्यूटी आने पर राजस्थान पुलिस में जवानों का बेड़ा तो सीमित है और उनकी ड्यूटी असीमित।
अब पुलिस अधिकारियों के सामने चुनौती है कि 26 जनवरी शांतिपूर्ण तरीके से निकल जाए और पद्मावत के विरोध को उग्र होने से कैसे रोका जाए। हालांकि पुलिस अधिकारी अपने जवान और मुखबिरों के जरिए हर मामले पर पूरी जानकारी रखे हुए हैं। यहां तक की कई अधिकारी मीडिया से भी आमजन की प्रतिक्रिया की अपटेड ले रहे हैं।
25 से 29 को होगा जेएलएफ
25 से 29 जनवरी को राजधानी के डिग्गी पैलेस में जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल भी आयोजित किया जाएगा। फेस्टिवल में प्रसून जोशी, शर्मिला टैगोर, हामिद करजई, जावेद अख्तर आदि हस्तियां शरीक होंगी। गौरतलब है कि जावेद अख्तर के पद्मावती के समर्थन में दिए गए बयान पर पहले ही राजपूत समाज और करणी सेना विरोध कर रही है। इसके चलते लिटरेचर फेस्टिवल में भी पुलिस को सुरक्षा का भारी इंतजामात करना पडेगा।
21 जनवरी को स्वाभिमान यात्रा
उधर चित्तौडग़ढ़ में जौहर क्षत्राणी मंच की महामंत्री निर्मलाकंवर राठौड़ ने कहा कि फिल्म के विरोध में चल रहा आंदोलन नहीं रुकेगा। 21 जनवरी को जौहर क्षत्राणी मंच की ओर से चित्तौड दुर्ग से स्वाभिमान यात्रा निकाली जाएगी। इस दौरान आंदोलन को लेकर नई रणनीति तैयार की जाएगी।
Published on:
18 Jan 2018 10:20 pm
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