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बारिश से फिर उफनी चंबल, बस्तियां करवाई खाली

चंबल नदी में उफान आने से कोटा बैराज के 12 गेट खोले गए। साथ ही 1 लाख 93 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की गई। बाढ़ जैसे हालातों को देखते हुए प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है।

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बारिश से फिर उफनी चंबल, बस्तियां करवाई खाली

बारिश से फिर उफनी चंबल, बस्तियां करवाई खाली

मध्य प्रदेश के कई इलाकों में पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश से हाहाकार मचा है। कई इलाकों में बाढ़ की स्थितियां बन गई हैं। घर पानी में डूब गए हैं तो लोगों को रेस्क्यू कराने का काम तेजी से चल रहा है। मध्यप्रदेश में लगातार तेज बारिश से बांधों में जबरदस्त पानी की आवक बनी हुई है। वहां से लाखों क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इससे चंबल नदी के सबसे बड़े बांध गांधी सागर लबालब हो गया। पांच गेट खोलकर लाखों क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।

चंबल नदी में उफान आने से कोटा बैराज के 12 गेट खोले गए। साथ ही 1 लाख 93 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की गई। बाढ़ जैसे हालातों को देखते हुए प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। बैराज स्थित निचली बस्तियों में पानी भरने के कारण बस्तियां खाली करवा ली गई है। इससे पहले गांधी सागर के पांच गेट खोले जाने से कोटा बैराज के 9 गेट खोले गए थे। रातभर में एक लाख 18 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं, राणा प्रताप के भी तीन गेट खोलकर एक लाख दो हजार क्यूसेक पानी की निकासी की गई।

इधर, झालावाड़ में झमाझम बारिश का दौर सोमवार सुबह तक जारी रहा। लगातार बारिश से नदी-नालों में उफान आ गया। भीमसागर बांध के दो गेट खोलकर पानी की
निकासी की जा रही है। यही हाल गंगधार उपखण्ड क्षेत्र का भी है। यहां दिल्ली-मुम्बई रेलवे मार्ग पर पानी भरने से रेलवे प्रशासन को यहां ट्रेनों का संचालन रोकना पड़ा। रेलवे फाटक के पास बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। वहीं, घरों में पानी घुसने से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। इतना ही नहीं, लगातार हो रही बारिश के चलते अधिकांश फसलें भी नष्ट होने के कगार पर है।


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