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आज दिखेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, क्या पड़ेगा प्रभाव, जानिए

chandra grahan 16 july 2019 : ग्रहण का सूतक शाम 4.31 बजे से शुरू हो जाएगा। ग्रहण मध्यरात्रि में 1.31 बजे से शुरू होकर 17 जुलाई को तड़के 4.30 मिनट पर खत्म होगा। बीते साल भी आषाढ़ी पूर्णिमा के दिन 27, 28 जुलाई की मध्यरात्रि में खग्रास चंद्र ग्रहण हुआ था। इस साल करीब तीन घंटे तक आकाश में इस अद्भुत खगोलीय घटना का नजारा देखा जा सकेगा। रात 1.31 बजे ग्रहण का स्पर्श होगा। रात 3.01 बजे ग्रहण का मध्य रहेगा। रात 4.30 बजे ग्रहण का मोक्ष होगा। चंद्रग्रहण की कुल अवधि 2 घंटे 59 मिनट के आसपास होगी

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Chandra Grahan

Chandra Grahan

जयपुर। chandra grahan 16 july 2019 : गुरु पूर्णिमा पर साल का दूसरा व आखिरी चंद्र ग्रहण आज मध्य रात्रि में लग रहा है। इस बार ग्रहण की अवधि 2.59 मिनट रहेगी ज्योतिषाचार्य डॉ. रवि शर्मा के अनुसार यह ग्रहण पूरे भारत में खंडग्रास रूप में दिखाई देगा। ग्रहण का सूतक ( sutak time today ) शाम 4.31 बजे से शुरू हो जाएगा। ग्रहण मध्यरात्रि में 1.31 बजे से शुरू होकर 17 जुलाई को तड़के 4.30 मिनट पर खत्म होगा। बीते साल भी आषाढ़ी पूर्णिमा के दिन 27, 28 जुलाई की मध्यरात्रि में खग्रास चंद्र ग्रहण हुआ था। इस साल करीब तीन घंटे तक आकाश में इस अद्भुत खगोलीय घटना का नजारा देखा जा सकेगा। रात 1.31 बजे ग्रहण का स्पर्श होगा। रात 3.01 बजे ग्रहण का मध्य रहेगा। रात 4.30 बजे ग्रहण का मोक्ष होगा। चंद्र ग्रहण ( lunar eclipse ) की कुल अवधि 2 घंटे 59 मिनट के आसपास होगी। अधिकतम ग्रास रात 3.01 बजे दिखाई देगा, 65 प्रतिशत चंद्रमा ( moon ) लालिमा युक्त रहेगा और 35 प्रतिशत चमकीला रहेगा।

ग्रहों की युति बिगाड़ेगी प्रकृति का संतुलन
ज्योतिषाचार्य पं. सुरेश शास्त्री ने बताया इस बार आषाढ़ी पूर्णिमा 16 जुलाई को पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र, वैधृति योग और धनु राशि के चंद्रमा की साक्षी में आ रही है। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, धनु, मकर राशि में चंद्रग्रहण होने से अतिवृष्टि के साथ कहीं-कहीं प्राकृतिक असंतुलन की स्थिति बनेगी। ग्रहों की दृष्टि से देखें तो यह चंद्र ग्रहण धनु राशि में चंद्र, केतु, शनि की त्रिग्रही युति ( trigraha yogas ) के साथ हो रहा है। वहीं समसप्तक दृष्टि संबंध मिथुन राशि स्थित सूर्य, राहु, शुक्र की त्रिग्रही युति से बन रहा है। दोनों युतियों में चार ग्रह राहु-केतु से पीडि़त हैं। इसका असर प्राकृतिक, सामाजिक और राजनीतिक प्रभावों को दर्शाएगा। ज्योतिषाचार्य शास्त्री के अनुसार, आषाढ़ में मंगलवार को चंद्रग्रहण होने से बांध, तालाबों में पानी की आवक थोड़ी कम होगी। इसके साथ ही खंडवर्षा होने से धान्यादि का उत्पादन प्रभावित होगा।

ग्रहण का इन पर दिखेगा असर
चंद्रग्रहण उत्तराषाढ़ा नक्षत्र ( uttarashada nakshatra ) एवं धनु राशि व मकर राशि में हो रहा है। अत: उत्तराषाढ़ा नक्षत्र एवं धनु राशि व मकर राशि में जन्मे व्यक्तियों के लिए विशेष कष्टकारक होगा। चंद्र ग्रहण का प्रभाव शासन की कार्यप्रणाली में परिवर्तन के रूप में दिखाई देगा। अधिकारियों में कार्य का परिवर्तन होगा। चंद्र ग्रहण की युति का मंगल बुध से षडाष्टक योग बनेगा। चंद्रमा की राशि कर्क में मंगल और बुध का गोचर वर्षा ऋतु के चक्र को प्रभावित करेगा। धनु राशि में ग्रहण होने के कारण इस राशि वाले विशेष रूप से प्रभावित होंगे।

इन देशों में दिखेगा चंद्रग्रहण
चंद्रग्रहण भारत सहित दक्षिणी अमरीका, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप सहित एशिया महाद्वीप के अधिकांश देशों में और हिंद महासागर, अटलांटिक महासागर, पैसेफिक महासागर में दिखाई देगा। चंद्रग्रहण में सूतक काल में बच्चों, बुजुर्गों और रोगियों को छोड़कर अन्य लोगों को अन्न ग्रहण नहीं करना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार गर्भवती महिलाओं को ग्रहण नहीं देखना चाहिए, लेकिन विज्ञान इसे सही नहीं मानता।