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राजस्थान पत्रिका अभियान ओपन माइक सिविल लाइंस विधानसभा

र्ड नंबर : 44 और 45चार नंबर डिस्पेंसरी के सामने
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जयपुर

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Mukesh Sharma

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Updated: 9 Oct 2019, 7:58 PM IST

changemakers openmic

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जयपुर. सिविल लाइंस विधानसभा में पूरी सरकार रहती है। लेकिन सिविल लाइंस के नजदीक वार्ड नंबर 44 और 45 में जब राजस्थान पत्रिका की टीम अभियान ओपन माइक के तहत पहुंची तो लोग मूलभूत सुविधाओं को लेकर परेशान नजर आए। पत्रिका टीम से चार नंबर डिस्पेंसरी के सामने लोग रू-ब-रू हुए। उन्होंने क्षेत्र में कचरा पड़े रहना, टूटी सड़कें और पेयजल आपूर्ति बाधित होने की पीड़ा बताते हुए कहा कि यहां अनियंत्रित यातायात और जाम से रोज जूझना पड़ता है। लेकिन चुनाव के समय प्रत्याशी वोट मांगने आ जाते हैं। लेकिन इस बार कई लोगों ने कहा कि स्थानीय और काम कराने वाला प्रत्याशी देखकर ही अपना मत देंगे।
प्रदीप जोशी ने कहा कि उम्मीदवार ऐसा होना चाहिए, जो आमजन का दर्द समझे और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाएं। क्षेत्रीय समस्या लेकर जाने वालों से मुंह मोडऩे वाला नहीं होना चाहिए।
महेन्द्र कुमार ने बताया कि सबसे बड़ी समस्या पानी की है। पेयजल कभी आता है तो कभी नहीं आता है। क्षेत्र में विकास कराने वाले उम्मीदवार को इस बार अपना मत देंगे।
डॉ. ब्रह्मदत्त शर्मा ने बताया कि क्षेत्र में कहीं पर भी जाएं, आमजन समस्याओं से जूझता नजर आता है। सड़क हो या कचरा प्रबंधन और अन्य समस्याएं। सक्षम प्रत्याशी नजर नहीं आया तो नोटा का प्रयोग करेंगे।
मोहम्मद आरिफ ने कहा कि सफाई नहीं होती है। पार्षद ऐसा चुना जाए, जो जनता के बीच जाए और उनकी समस्याएं सुने और उन्हें दूर करे

जनता के बड़े सवाल

- चार नंबर डिस्पेंसरी के बाहर अजमेर रोड से हसनपुरा तक सड़क किनारे नाला कई जगह से ढका नहीं है। पक्के नाले का निर्माण हो तो सड़क की चौड़ाई भी बढ़ाई जा सकती है
- नगर निगम चुनाव में प्रत्याशी वोट मांगने आते हैं, उन्हें यहां अतिक्रमण नजर आता है, वादा करते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद सब भूल जाते हैं
- श्मशान और कब्रिस्तान में जानवर घूमते रहते हैं, लेकिन दोनों ही जगह की सुध नहीं ली गई