
smart -village-scheme
चमचमाती सड़कें, जगमगाती एलईडी स्ट्रीट लाइट्स, पार्क और पार्कों में सेहत के लिए ओपन जिम। ये सुविधाएं किसी बड़े शहर के जैसी तस्वीर पेश करते है लेकिन सरकार की योजना रंग लाई तो प्रदेश के नौ हजार से अधिक गांव ऐसी ही सुविधाओं से लैस होंगे।
स्मार्ट सिटी की तर्ज पर सरकार ने अब स्मार्ट विलेज योजना का खाका बनाया है। संभवत: बुधवार को राज्य बजट में सरकार सौगात दे सकती है।
योजना के तहत सरकार की मंशा है कि प्रदेश के सभी 9894 ग्राम पंचायत मुख्यालय स्मार्ट विलेज के तौर विकसित हों। सरकार पिछले दो माह से इस पर मंथन कर रही है। मुख्यमंत्री पिछले माह योजना का प्रजेंटेशन भी देख चुकी है।
योजना को लेकर ग्रामीण विकास मंत्री राजेन्द्र राठौड़ और विभागीय अधिकारियों के स्तर पर कई बैठकें हो चुकी हैं। पूरी योजना में 9 हजार करोड़ से अधिक शुरुआती आंकलन विभाग ने किया है। सीएम की अध्यक्षता में हाल ही हुई उच्च स्तरीय बैठक में इस बारे में प्रजेन्टेशन दिया गया।
क्या -क्या होगी सुविधायें
पार्क, ओपन जिम और एटीएम की सुविधा ।
स्मार्ट गांवों में समान कलर कोड के तहत सभी सरकारी भवन एक जैसे रंग के होंगे।
शहरों की तर्ज पर पार्क बनेंगे, जिनमें ओपन जिम खुलेंगे।
नकदी निकालने के लिए बैंक के चक्कर नहीं लगाने पड़ें, इसके लिए एटीएम सुविधा होगी।
पूरे गांव में कोई भी आवासीय भूखंड बिना पट्टे का नहीं होगा।
जल निकासी तंत्र के बिना कोई सड़क नहीं बनेगी।
सोलर की बजाय अब एलईडी लाइट
स्मार्ट गांवों में सरकार ने पहले सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने का निर्णय किया था। इसके लिए बाकायदा आईआईटी बॉम्बे से स्पेसिफिकेशन भी तैयार करा लिए थे।
लेकिन, हाल ही हुई बैठक में अधिकारियों ने बताया कि सोलर लाइट के लिए लाइट और रखरखाव पर पांच साल में जितना खर्च आता है, उसके आधे खर्च में ही एलईडी लग जाएंगी। इसके बाद अब प्राथमिकता पर एलईडी और आवश्यक होने पर सोलर लाइट लगाने का फैसला किया गया है।
और होगी सुविधाएं
ग्रामीण गौरव पथ, पुस्तकालय, व्यस्थित जल निकासी तंत्र, स्मार्ट बस स्टैंड, खेल मैदान, विकसित अंतिम संस्कार स्थल, एटीएमए चारा उत्पादन, पेयजल व्यवस्था, पशु स्वास्थ्य केन्द्र, मृदा परीक्षण केन्द्र, देसी गौवंश कृत्रिम गर्भाधान केन्द्र, ई-मित्र, सहकारी समितियां आदि।
Published on:
08 Mar 2017 08:52 am
बड़ी खबरें
View Allपाली
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
