
ashok gehlot
जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की आज नीति आयोग के साथ बैठक होगी। शाम 5 बजे वीसी के जरिए होने वाली मुख्यमंत्री गहलोत के साथ बैठक में नीति आयोग के सदस्य प्रो. रमेश चंद, वरिष्ठ सलाहकार डॉ. योगेश सूरी और सलाहकार राजनाथ राम भी शामिल होंगे। नीति आयोग के साथ मुख्यमंत्री की बैठक के लिए पूरी तैयारियां कर ली गई है। इसको लेकर कल आर्थिक सलाहकार परिषद की बैठक में भी कई बिंदुओं को लेकर विचार विमर्श किया गया था।
जीएसटी सहित कई बिंदु उठेंगे—
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कल भी बैठक में कहा था कि कोविड की विषम परिस्थितियों के कारण राजस्व अर्जन में गिरावट आई है। केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं में लगातार राज्यांश बढ़ने, केंद्र द्वारा जीएसटी क्षतिपूर्ति का पूर्ण भुगतान नहीं होने तथा 15वें वित्त आयोग में अनुमान से कम राशि का हस्तांतरण सहित कई कारणों से प्रदेश को जटिल राजकोषीय स्थिति से गुजरना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल है, जिसने राजस्व में बड़ी गिरावट के बावजूद अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए अपने खर्च में वृद्धि की है। साथ ही बजट घोषणाओं को पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरा करने के प्रयास किए हैं। हमारा वर्तमान बजट स्वास्थ्य को समर्पित रहा और प्रदेश में चिकित्सा का आधारभूत ढांचा मजबूत हुआ। इसी प्रकार अगला बजट कृषि क्षेत्र को समर्पित होगा।
50 के बजाय 32 हजार करोड़ ही दिए—
मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि 15वें वित्त आयोग ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2020-21 के लिए राजस्थान को 50 हजार करोड़ रूपए देने का अनुमान लगाया था, लेकिन वास्तविक रूप से करीब 32 हजार करोड़ रूपए ही दिए। इसी प्रकार जीएसटी मुआवजे का भी केंद्र की ओर से पूरा भुगतान राज्यों को नहीं मिल रहा है। जल सहित विभिन्न परियोजनाओं में पहले केंद्र और राज्य का अनुपात 90ः10 होता था, जो अब 50ः50 पर आ गया है। पेट्रोल एवं डीजल पर करों के डिविजिबल पूल में से राज्यों को मिलने वाले हिस्से को भी लगातार कम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों का तत्काल समाधान आवश्यक है अन्यथा राज्यों के विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
Published on:
06 Aug 2021 09:54 am
