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कश्मीर में पत्थरबाजी से जुड़े चार हजार मामले वापस लेने के सवाल पर यह बोले सेनाध्यक्ष

कहा पड़ौसी कार्रवाई कर रहे हैं तो हम भी युद्धाभ्यास

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jaipur

बाड़मेर। जम्मू- कश्मीर में पत्थरबाजी से जुड़े चार हजार मामले वापस लेने के सवाल पर थल सेनाध्यक्ष बिपिन रावत ने कहा पत्थरबाजी में कई लोग शामिल हुए थे। इसमें करीब 11 हजार युवक थे। इसमें भेड़चाल हो जाती है। इनमें चार हजार लोग एक बार ही पत्थरबाजी की घटना में शामिल हुए। उन्हें माफ किया गया है। रावत अंतरराष्ट्रीय सीमा के गांव तारातरा में गुरुवार को शौर्यचक्र से सम्मानित शहीद धर्माराम जाट की प्रतिमा के अनावरण समारोह में बाडमेर आए हुए थे।

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डरने की जरूरत नहीं
पड़ौसी देश चीन की मदद से तेल की आड़ में सीमा के नजदीक प्रशिक्षण की कार्रवाई चलने के सवाल पर कहा कि हमें किसी से डरने की जरूरत नहीं है। वो कार्रवाई कर रहे हैं तो हम भी दक्षिण कमान के साथ सीमावर्ती क्षेत्र में युद्धाभ्यास कर रहे हैं।

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शहीद धर्माराम की प्रतिमा का अनावरण समारोह
इससे पहले थल सेनाध्यक्ष ने जम्मू कश्मीर में आंतककारियों से लोहा लेते हुए 2015 में शहीद हुए धर्माराम जाट की प्रतिमा का उनके निवास धर्मासर (तारातरा) में अनावरण किया। रावत ने कहा कि शहीद जवान स्वर्ग चले जाते हैं, लेकिन वो सदा अमर रहते हैं। इस अवसर पर राजस्व मंत्री अमराराम चौधरी व सांसद कर्नल सोनाराम सहित सैन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

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बाड़मेर के सैनिकों पर हमें गर्व
उन्होंने राजस्थान के बाड़मेर का नाम लेते हुए कहा कि यह मरुभूमि वीरों की कर्मभूमि है। बाड़मेर के सैनिकों का साहस व निडरता देख भारतीय सेना गौरवांवित है। बाड़मेर के कई जवानों की गाथाएं इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखी गई हैं।