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राजस्थान विधानसभाः महेंद्र चौधरी हो सकते हैं मुख्य सचेतक , उपमुख्य सचेतक-उपाध्यक्ष के लिए दौड़ तेज

-बसपा से कांग्रेस में आए विधायक को उप मुख्य सचेतक बनाए जाने की चर्चा, एससी वर्ग से विधानसभा उपाध्यक्ष बनाए जाने को लेकर सरकार में उच्च स्तर पर मंथन

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rajasthan vidhan sabha

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जयपुर। 9 फरवरी से शुरू हो रहे राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र से पहले विधानसभा में मुख्य सचेतक और उपाध्यक्ष पद को भरने के लिए कवायद तेज हो गई है। सरकार में उच्च स्तर पर मुख्य सचेतक और उपाध्यक्ष के संभावित नामों को लेकर मंथन चल रहा है। विधानसभा उपाध्यक्ष का पद जहां 3 साल से खाली है।

वहीं मुख्य सचेतक का पद पिछले ढाई महीने से खाली हैं। मुख्य सचेतक की जिम्मेदारी निभा रहे महेश जोशी मंत्रिमंडल पुनर्गठन में कैबिनेट मंत्री बन चुके हैं, जिसके चलते मुख्य सचेतक का पद रिक्त हो गया है। ऐसे में इस पद को भरने की कवायद तेज हो गई है।

विधानसभा में मुख्य सचेतक का पद अहम
वहीं विधानसभा में मुख्य सचेतक का पद सबसे अहम माना जाता है दर्शन सत्र के दौरान सत्ता पक्ष की ओर से सदन की व्यवस्था बनाए रखने, बिलों पर विधायकों के बोलने, कार्य सलाहकार समिति के प्रतिवेदन को सदन में प्रस्तुत करने और विशेष परिस्थितियों में सत्ता पक्ष के सदस्यों के सदन में उपस्थिति को लेकर व्हिप जारी करना भी मुख्य सचेतक का काम है।

महेंद्र चौधरी को प्रमोट की जाने की चर्चा
वहीं विधानसभा में में उप मुख्य सचेतक महेंद्र चौधरी को ही मुख्य सचेतक बनाकर प्रमोट की जाने की चर्चा सियासी गलियारों में तेज है। बताया जा रहा है कि उनके नाम पर लगभग सहमति बन चुकी है। महेंद्र चौधरी को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का बेहद करीबी माना जाता है। ऐसे में उनके नाम पर ही मुहर लगना तय है।

बसपा से कांग्रेस में आए विधायक को मिल सकता है उप मुख्य सचेतक का जिम्मा
सूत्रों की माने तो बसपा से कांग्रेस में आए विधायकों में से किसी एक विधायक को उप मुख्य सचेतक का जिम्मा मिल सकता है। इसके लिए विधायक वाजिब अली, जोगिंदर अवाना और दीपचंद खेरिया में से किसी एक को मौका दिए जाने की चर्चा है।

एससी वर्ग से होगा उपाध्यक्ष
वहीं चर्चा यह भी है विधानसभा का उपाध्यक्ष एससी वर्ग से बनाया जा सकता है। साल 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव के चलते कांग्रेस पार्टी का पूरा फोकस इन दिनों एससी और एसटी वर्ग पर है। लिहाजा माना जा रहा है कि एससी वर्ग से ही उपाध्यक्ष बनाया जा सकता है। इसके लिए वरिष्ठ विधायक परसराम मोरदिया और बसेड़ी से कांग्रेस विधायक खिलाड़ी लाल बैरवा का नाम चर्चा में है। दोनों ही विधायकों को मुख्यमंत्री गहलोत का करीबी माना जाता है।