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तीन मंत्री व 27 ‘माननीयों’ का हुआ था बाल विवाह

200 विधायकों में तीन मंत्रियों सहित 30 विधायकों का हुआ था बाल विवाह

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Jaipur News

जयपुर . प्रदेश में आखातीज पर बुधवार को बाल-विवाह को रोकने को लेकर पुलिस-प्रशासन व संबंधित संस्थाओं ने कमर कस ली है। इंटेलीजेंस और मुखबिरों के जरिए सूचनाएं लेकर रोकथाम की कवायद की जा रही है। लेकिन इस 'मुस्तैद ' के बीच दिलचस्प तथ्य यह भी है कि कई 'माननीयों ' का भी बाल विवाह हुआ था। 'पत्रिका' की पड़ताल में सामने आया कि 200 विधायकों में तीन मंत्रियों सहित 30 विधायकों का बाल विवाह हुआ था। बाल विवाह निषेध कानून तब भी था, लेकिन बस इसे 'नजरअंदाज ' किया गया था। चैकाने वाली बात है कि परिवहन मंत्री यूनुस खान, देवस्थान विभाग के राज्यमंत्री राजकुमार रिणवां, गोपालन विभाग के राज्यमंत्री ओटाराम देवासी का भी बाल विवाह हुआ था। अब यह सभी बाल विवाह के खिलाफ है और कानून के साथ हैं।

7 विधायकों सहित गृहमंत्री ने शादी की तारीख अपडेट नहीं कराई

गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया सहित 7 विधायकों ने विस की साइट पर डाटा में शादी की तारीख तक अपडेट नहीं कराई। विधायकों में थानागाजी से हेमसिंह भड़ाना, आसींद से रामलाल गुर्जर, मांडलगढ़ से विवेक धाकड़, बीकानेर पश्चिम से गोपाल कृष्ण , नवलगढ़ से राजकुमार शर्मा, उदयपुर ग्रामीण से फूलसिंह मीणा है।

विधायक जिनके

पत्रिका ने यह जानकारी राजस्थान विधानसभा की वेबसाइट से जुटाई है। जिसके आधार पर 3 मंत्रियों सहित 30 विधायकों का विवाह 18 वर्ष से कम उम्र में हुआ था। इनमें...
- मसूदा से विधायक सुशील कंवर
- किशनगढ़बास से रामहेत यादव
- अलवर ग्रामीण से जयराम जाटव
- घाटोल से नवनीत लाल
- सुजानगढ़ से खेमाराम
- महुआ से ओमप्रकाश
- बाड़ी से गिरिराज सिंह
- आसपुर से गोपीचंद मीणा
- सूरतगढ़ से राजेंद्र सिंह भादू
- बगरू से कैलाश वर्मा
- सूरजगढ़ से श्रवण कुमार
- मंडावा से नरेंद्र कुमार
- भोपालगढ़ सें कमसा देवी
- टोडाभीम से घनश्याम
- हिंडौन से राजकुमारी
- करौली से दर्शन सिंह
- भीम से हरिसिंह रावत
- दांतारामगढ़ से नारायण ङ्क्षसह
- पिंडवाड़ा आबू से सामाराम घरासिया
- गोगूंदा से प्रताप लाल भील
- धारियावाड से गौतम लाल

यूनुस खान, परिवहन मंत्री ने कहा की गांवों में अब ज्यादा जागरूकता आई है, कानून भी सख्त हो चुके है। मेरी शादी के वक्त परिजन बाल विवाह के बारे में ज्यादा नहीं समझते थे।

राजकुमार रिणवां, राज्यमंत्री देवस्थान विभाग ने कहा की जब मेरी शादी हुई थी, तब बात अलग थी। लेकिन अब बालिग होने पर ही विवाह होना चाहिए। वैसे भी आज का युवा ज्यादा समझदार है।


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