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बाल सरपंचों ने सरकार को सौंपा अपना सुझाव पत्र, गांवों के विकास के मुद्दे किए शामिल

यूनिसेफ और डिजिटल बाल मेला की ओर से आयोजित हो रहे तीन दिवसीय बाल सरपंच अधिवेशन में बाल सरपंचों ने अपना सुझाव पत्र सरकार को सौंपा। इस सुझाव पत्र में ग्रामीण विकास के मुद्दे शामिल किए गए हैं। यह पत्र उन्होंने ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की शासन सचिव मंजू राजपाल को सौंपा।

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बाल सरपंचों ने सरकार को सौंपा अपना सुझाव पत्र, गांवों के विकास के मुद्दे किए शामिल

बाल सरपंचों ने सरकार को सौंपा अपना सुझाव पत्र, गांवों के विकास के मुद्दे किए शामिल

जयपुर। यूनिसेफ और डिजिटल बाल मेला की ओर से आयोजित हो रहे तीन दिवसीय बाल सरपंच अधिवेशन में बाल सरपंचों ने अपना सुझाव पत्र सरकार को सौंपा। इस सुझाव पत्र में ग्रामीण विकास के मुद्दे शामिल किए गए हैं। यह पत्र उन्होंने ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की शासन सचिव मंजू राजपाल को सौंपा। इस पत्र को पढ़ने के बाद मंजू राजपाल ने कहा कि यदि वे राजनेता होती तो बच्चों के सुझाव उनके चुनावी घोषणा पत्र में शामिल होते। उन्होंने 'मैं भी बाल सरपंच' अभियान की जमकर सराहना की।

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घोषणा पत्र में बच्चों ने 8 मुद्दे रखे। जिनमें ग्राम पंचायतों में खेल मैदान, पार्क, पेयजल आपूर्ति, बालिका शिक्षा, स्वच्छता, साफ शौचालय, खेल संसाधन की उपलब्धता को शामिल किया गया। बच्चों ने कहा कि यह बुनियादी जरूरतें हैं, जिन्हे हर "बाल पंचायत" में बच्चों ने उठाया था। साथ ही यह उनका अधिकार भी है।

डिजिटल बाल मेला की जान्हवी शर्मा ने बताया कि यह घोषणा पत्र राजस्थान के 30 "बाल प्रतिनिधियों" द्वारा पेश किया गया है। यह बाल प्रतिनिधि राजस्थान के 7 संभागों के 8 जिलों की 9 विधानसभा क्षेत्रों में लगी 10 बाल पंचायतों में से चुनकर आते है। मंगलवार शाम इस अधिवेशन का समापन होगा।