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जेम्स-ज्वैलरी कारोबार में भी घुस रहे चीनी बिचौलिए

इस साल लग सकता है 800 करोड़ का फटका
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jaipur

जेम्स-ज्वैलरी कारोबार में भी घुस रहे चीनी बिचौलिए

जगमोहन शर्मा. जयपुर. मंदी की मार झेल रहे राज्य के जेम्स एंड ज्वैलरी कारोबार पर भी अब ड्रैगन का साया मंडरा रहा है। दुनियाभर में लोहा मनवाने वाले यहां के रत्न कारोबारियों का 30 फीसदी तक कारोबार चीनी बिचौलिए छीन ले जा रहे हैं। दरअसल, चीनी बायर्स का एक रैकेट पिछले एक साल से लगातार रामगंज स्थित कारीगारों से सीधे सम्पर्क कर माल खरीद रहा है। यह खेल हवाला के पैसे से चल रहा है। इस लेन-देन से इस वित्त वर्ष में राज्य के रत्न कारोबार को 800 करोड़ का फटका लगने की आशंका है।

अवैध कारोबार को बढ़ावा
जेम्स एंड ज्वैलरी कारोबारियों का कहना है कि यह खेल हवाला की रकम से चल रहा है। चीनी बायर्स विदेशों के लिए पार्सल भी अवैध रूप से लगा रहे हैं। गौरतलब है कि इन कारीगरों के पास न तो जीएसटीएन नबंर है, न शॉप एक्ट के तहत प्रोपराइटरशिप, फिर भी धड़ल्ले से माल बेच रहे हैं। इससे राज्य सरकार को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है। गौरतलब है कि आयकर विभाग के कुछ अधिकारी इन बायर्स पर नजर रख रहे हैं।

मार्जिन का खेल
सूत्रों के अनुसार पहले चीनी बायर्स ज्वैलर्स से माल खरीदते थे, अब सीधे कारीगारों से खरीदकर २० फीसदी तक मार्जिन बचा रहे हैं। इतना ही नहीं, ये बायर्स रामगंज में कारीगरों के घरों में रुकते हैं, उनके साथ रहकर काम भी सीख रहे हैं। इनमें से कई बायर्स को हिंदी भी आती है।

करोड़ों का हवाला
ये बायर्स ज्यादातर पन्ना, रूबी स्टोन्स और इनसे बनी ज्वैलरी की खरीद करते हैं, जिसे सीधे हांगकांग और शंघाई एक्सपोर्ट करते हैं। चीनी बायर्स यहां एक से २ माह के वीजा पर आते हैं। माल की खरीदारी से लेकर उसे पार्सल करने तक यहीं रुकते हैं। वहीं, कारीगरों का कहना है कि उन्हें चीनी बायर्स को माल बेचने में ज्यादा मुनाफा हो रहा है। माल को ज्वैलर तक पहुंचाने की परेशानी से भी बच जाते हैं।