
जयपुर। मकर संक्रांति में अब 10 दिन भी नहीं बचे हैं। पतंगों का उत्साह परवान चढने लगा है। लेकिन इस उत्साह के माहौल में चाइनीज मांझा फिर रंग में भंग डालने का काम कर रहा है। प्रदेश में बीते तीन दिन में हुए तीन हादसों ने दो की जान चली गई, जबकि एक युवक की गर्दन कट गई। इनमें से दो हादसों का मुख्य कारण चाइनीज मांझा है। जो रोक के बावजूद बाजार में धडल्ले से बिक रहा है।
बाइक पर जाते वक्त कटी गर्दन
जयपुर के डीसीएम के पास गुरुवार को एक युवक की जान चली गई। युवक बाइक पर जा रहा था। इसी दौरान धारदार मांझे से उसकी गर्दन कट गई। राहगीरों ने उसे लहुलुहान हालत में अस्पताल पहुंचाया जहां उसने दम तोड़ दिया। मामले में श्याम नगर पुलिस पड़ताल कर रही है। पुलिस के अनुसार हादसा शाम करीब पांच बजे डीसीएम के पास हुआ। हादसे का शिकार युवक बाइक से कमला नेहरू नगर की ओर जा रहा था, इसी दौरान रास्ते में डीसीएम के पास पंतग के धारदार मांझे से उसकी गर्दन कट गई। गर्दन कटने से बहे खून के चलते वह वहीं गिर पड़ा।
स्थानीय लोगों ने उसे तडफ़ते हुए देखा तो एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां से हालात गंभीर होने पर एसएमएस अस्पताल रैफर कर दिया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक की शिनाख्त के प्रयास किए, पहचान नहीं होने पर शव को मोर्चरी में रखवाया है। जानकारी के मुताबिक, उसकी मौत का कारण मांझे से सांस की नली कटने और अत्यधिक खून बहने से होने की बात सामने आई है।
हादसे दर हादसे
02 जनवरी : भीलवाडा शहर के निकट बोरड़ा निवासी प्रतापसिंह की बाइक पर मांझा फंसने से गला कट गया। उसकी जान तो बच गई लेकिन हालत अभी भी गंभीर है।
02 जनवरी : चित्तौडग़ढ़ शहर के लौहार मोहल्ला पुरानी सब्जी मंडी क्षेत्र में पतंग के चक्कर में दस वर्षीय पीयूष की बावडी में गिरने से मौत हो गई।
22 दिसंबर : गोपालपुरा मोड़ से रिद्धि-सिद्धि की ओर जाने वाले ओवरब्रिज पर स्कूटी सवार 50 वर्षीय व्यक्ति की गर्दन में मांझा आ फंसा। जिससे वह गंभीर घायल हो गया।
Updated on:
04 Jan 2018 11:33 pm
Published on:
04 Jan 2018 11:31 pm
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