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Christmas 2022: कोविड के दो साल बाद इस बार क्रिसमस का उल्लास, गिरजाघरों में हुई विशेष सामूहिक प्रार्थना

Christmas 2022: सत्य, प्रेम, करुणा व दया का संदेश देने वाले प्रभु यीशु के अवतरण को लेकर शहर में उल्लास नजर आ रहा है। कोविड के दो साल बाद क्रिसमस का पर्व श्रद्धा और विश्वास के साथ सामूहिक रूप से मनाया जा रहा है।

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Christmas 2022: कोविड के दो साल बाद इस बार क्रिसमस का उल्लास, गिरजाघरों में हुई विशेष सामूहिक प्रार्थना

Christmas 2022: कोविड के दो साल बाद इस बार क्रिसमस का उल्लास, गिरजाघरों में हुई विशेष सामूहिक प्रार्थना

जयपुर। सत्य, प्रेम, करुणा व दया का संदेश देने वाले प्रभु यीशु के अवतरण को लेकर शहर में उल्लास नजर आ रहा है। कोविड के दो साल बाद क्रिसमस का पर्व श्रद्धा और विश्वास के साथ सामूहिक रूप से मनाया जा रहा है। राजधानी के गिरजाघरों और चर्च में सामूहिक आराधना हुई। बिशप, फादर व पादरी प्रार्थना सभा में बाइबल का संदेश दिया। बाइबिल पाठ के साथ विश्व में अमन चैन के लिए प्रार्थना की गई।

क्रिसमस पर आज सुबह से गिरजाघरों व चर्च में विशेष प्रार्थना सभाएं हुई। प्रभु यीशु के संदेशों का बखान किया गया। गिरिजाघरों में फादर, पास्टर और पादरी के सान्निध्य में सामूहिक प्रार्थनाएं हुई। सांता के स्वरूप बच्चों को चॉकलेट, टॉफी के साथ ही उपहार देते नजर आए। घाटगेट स्थित सेक्रेट हार्ट चर्च, चांदपोल स्थित सेंट एंड्रयूज चर्च, आॅल सेंट चर्च, मालवीय नगर, मानसरोवर चर्च सहित अन्य चर्च में सुबह से ही क्रिसमस का उल्लास नजर आया। इसाई समाजबंधु स्तुतिगान के साथ क्रिसमस के विशेष कैरल्स गीत गाए। इस बीच एक—दूसरे को क्रिसमस की शुभकामनाएं देने की भी होड सी मची। मोमबत्तियां जलाकर एक दूसरे को क्रिसमस की बधाई दी जा रही है, केक काटे जा रहे है। चर्च और गिरजाघरों में विशेष सजावट की गई है। जयपुर क्रिश्चयन फैलोशिप की ओर से विभिन्न जगहों पर क्रिसमस आराधना कार्यक्रम आयोजित किया गया।

मनुष्य के प्रति ईश्वर का प्रेम ही क्रिसमस
घाटगेट स्थित सेक्रेट हार्ड चर्च में बिशप ओसवल्र्ड लुविस के सान्निध्य में सामूहिक प्रार्थना सभा हुई। बिशप ओसवल्र्ड लुविस ने अपने संदेश में कहा कि ईश्वर ने भूमंडल की रचना की। इस दौरान मनुष्य को आदेश दिए, लेकिन मनुष्य ने ईश्वर के उस आज्ञा को भंग कर दिया, नियम तोड़े यानी पाप किए। उस पाप के कारण मनुष्य का रिश्ता ईश्वर से दूरी का हो गया। मनुष्य की मुक्ति के लिए प्रभु यीशु के रूप में मनुष्य बने, उन्होंने हमारे बीच निवास किया। 33 साल वे दुनिया में रहे, उस दौरान उन्होंने मनुष्यों की सेवा की, आदेश, उपदेश दिए। मनुष्य बनकर उन्होंने प्रेम, उदारता, करुणा का संदेश दिया। मनुष्य के प्रति ईश्वर का प्रेम ही क्रिसमस है। क्रिसमस पर ईश्वर का प्रेम, उनकी उदारता और करुणा का मनुष्य अनुभव करता है। ईश्वर का प्रेम हमारे बीच है, वे हमारी देखभाल करते है, मुसीबतों से हमें बचाते है। इसलिए क्रिसमस का आनंद मनाते हैं।

बाजार में उत्साह
क्रिसमस को लेकर घर से लेकर बाजार में विशेष उत्साह नजर आ रहा है। कई मॉल्स क्रिसमस के रंग में सजे हुए है। छुट्टी का दिन होने के चलते सुबह से माल्स, बाजारों में सांता क्लॉज उपहार, चॉकलेट देकर प्रेम, भाईचारे का संदेश दे रहे है। छोटे—छोटे बच्चे भी सांता क्लॉज के रूप में नजर आ रहे है। शहर के प्रमुख गौरव टॉवर में शहरवासी पैरिस के एफिल टावर का दीदार कर रहे है।

घर—घर विशेष व्यंजन
क्रिसमस के त्योहार हो लेकर घरों में विशेष व्यंजन बनाए गए है। इसाई समाजबंधु इन पकवानों को घर—घर बांट रहे है। एक—दूसरे के घर जाकर क्रिसमस की बधाई देने का सिलसिला शुरू हो गया है।

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मिडनाइट आराधना में सजी यीशु की जन्म झांकी
इससे एक दिन पहले शनिवार मिडनाइट आराधना हुई, मध्यरात्रि को प्रभु यीशु के देहधारण की प्रार्थना हुई। मध्यरात्रि में यीशु का अवतरण हुआ। प्रभु के जन्म से जुड़ी झांकियां सजाई गई है। प्रार्थना के बाद प्रभु यीशु के प्रतीक को गिरजाघर के बाहर चरनी में रखा गया। इसमें चरवाहे भेड़-बकरियां भी मौजूद रही। मिडनाइट आराधना के तहत मोमबत्तियां भी जलाई गई। लोगों ने एक-दूसरे को क्रिसमस की बधाई दी। प्रभु के जन्म की खुशियों से जुड़े गीत कैरल्स गाए गए।

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