
Rahul Kaswan Will join Congress : भारतीय जनता पार्टी ने कुछ दिन पहले ही लोकसभा चुनाव के लिए अपनी पहली लिस्ट जारी की थी। जिसमें 5 मौजूदा सांसदों के टिकट काट दिए गए। चूरू के वर्तमान सांसद राहुल कस्वां का टिकट कटने के बाद लगातार बगावती सुर अपनाए हुए थे। राहुल कस्वां दो बार लोकसभा सांसद रहे। बताया जा रहा है कि कस्वां आज कांग्रेस में शामिल होने जा रहे है।
जानकारी के मुताबिक चुरू से भाजपा सांसद राहुल कस्वां सोमवार को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल हो सकते है और आगामी लोकसभा चुनाव चूरू से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ सकते है। राहुल कस्वां का टिकट काटे जाने के बाद उन्होंने कई बार गहरी नाराजगी भी जताई थी और अपने सोशल मीडिया पर बीजेपी के पदाधिकारियों से पूछा कि 'आखिर मेरा गुनाह क्या था...?'
चूरू सियासत में सांसद राहुल कस्वां के पिता राम सिंह कस्वां और राजेंद्र राठौड़ की जोड़ी राम लखन की जोड़ी के तौर पर मानी जाती थी। राजनीतिक रिश्ते के साथ वहां की सियासत में जाट-राजपूत समीकरण अपने आप में अनोखे थे। लेकिन साल 2009 में हुए बहुचर्चित दारिया एनकाउंटर ने चुरू की सियासत को बदलकर रख दिया। राजेंद्र राठौड़ को इस मामले में जेल हुई।
राम सिंह कस्वां पर इस मामले पर बोलने के दबाव के चलते दोनों के बीच दूरियां बढ़ गई है। हालांकि कभी खुले मंच से कस्वां और राठौड़ के बीच बयानबाजी देखने को नहीं मिली। यही वजह है कि राजेंद्र राठौड़ पर राहुल कस्वां ने टिकट कटवाने को लेकर आरोप लगाए है।
जिसके बाद राहुल कस्वां ने चूरू के सादुलपुर स्थित घर पर कार्यकर्ताओं को बुलाया। जिसमें आगामी चुनावी भविष्य को लेकर फैसला करना था। इस सभा को संबोधित करते हुए कस्वां ने राजेंद्र राठौड़ पर इशारों-इशारों में जमकर निशाना साधा। सांसद राहुल कस्वां ने कहा कि जयचंदों के बीच में रहने वाले जयचंद की बात करते है। कोई एक व्यक्ति चूरू लोकसभा के भविष्य को तय नहीं करेगा। चूरू लोकसभा के भविष्य को यहां की जनता तय करेगी।
राहुल कस्वां ने आज अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि जब उनका टिकट कटा तो वह पूरी रात सो नहीं पाए थे। उन्होंने कहा कि समझ नहीं आ रहा कि उनकी गलती क्या थी। मैंने कारण पूछा। लेकिन मुझे आज तक कारण नहीं बताया गया। उन्होंने कहा कि 35 साल से लोगों की सेवा कर रहे हैं। एक पैर चूरू रहता है तो दूसरा पैर तारानगर और राजगढ़ रहता है। लेकिन मुझे इस बात का दुख है कि टिकट काटने की वजह नहीं बताई है।
भाजपा ने इस सीट से पैरालंपिक में दो बार स्वर्ण और एक बार रजत पदक जीतने वाले देवेन्द्र झाझरिया को मैदान में उतारा है। पैरा ओलम्पिक खिलाड़ी पद्मभूषण देवेन्द्र झाझड़िया ग्रामीण पृष्ठभूमि से जुड़े हैं। राजगढ़ तहसील के गांव झाझड़िया की ढाणी रतनपुरा के देवेन्द्र भाजपा की विचारधारा और संघ की पृष्ठभूमि से जुड़े हैं।
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Published on:
11 Mar 2024 09:47 am
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