
जयपुर। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने अरुणाचल प्रदेश के तवांग क्षेत्र में चीनी सेना की घुसपैठ मामले पर बयान दिया है। भाजपा मुख्यालय पर शेखावत ने प्रेस वार्ता में कहा कि 8 और 9 दिसंबर की मध्यरात्रि को चीनी सैनिकों ने कब्जे क कोशिश की, लेकिन भारत की शक्तिशाली सेना और सैनिकों ने लाठी-डंडो से पीटकर उन्हें वहां से भगाया। भारत का एक भी सैनिक हताहत नहीं हुआ हैं। रक्षमंत्री ने संसद में यह बयान दिया है कि भारत की एक इंच भी जमीन नहीं दी गई है।
उन्होंने संसद में हंगामे की वजह का खुलासा किया और कहा कि राजीव गांधी फाउंडेशन की एफसीआरए की सुविधा क्यों बंद करने के संबंध में एक प्रश्न लगाया गया था। इसके जवाब से कांग्रेस घिरने वाली थी। दरअसल इस फाउंडेशन को 2005 से 07 के बीच में चीन के दूतवास से 1.35 करोड़ और जाकिर फाउंडेशन से 50 लाख अनुदान राशि प्राप्त की गई थी। यह फाउंडेशन सामाजिक सरोकार के काम करने वाली संस्था है। लेकिन जब फाउंडेशन से 1.35 करोड़ का हिसाब पूछा गया तो उन्होंने लिखा है कि भारत और चीन के संबधों के अध्ययन के लिए निवेश किया है। अब चीन से निवेश का क्या सामाजिक सरोकार था यह देखने वाली बात है।
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उन्होंने कहा कि चीन ने हज़ारों किमी की भूमि पर कब्जा किया। नेहरू ने जो चाइना को गिफ्ट किया उसका अध्ययन करना चाहिए। इसलिए कांग्रेस ने हल्ला मचाकर सदन की कार्रवाई को बाधित करने का काम किया है।
Published on:
13 Dec 2022 06:37 pm
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