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राजस्थान में गरीबों को भोजन देने के लिए शुरू होगी इंदिरा रसोई योजना, रियायती दर पर मिलेगा पौष्टिक भोजन

जन-जागरूकता अभियान की वर्चुअल लॉन्चिंग, 'कोई भूखा ना सोए' इस संकल्प को साकार करने के लिए शुरू होगी इंदिरा रसोई योजना, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने की घोषणा, कहा अनलॉक को भी लॉकडाउन की तरह गंभीरता से लें

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CM Ashok Gehlot

राजस्थान में गरीबों को भोजन देने के लिए शुरू होगी इंदिरा रसोई योजना, रियायती दर पर मिलेगा पौष्टिक भोजन

समीर शर्मा / जयपुर। राज्य सरकार गरीबों को भोजन देने के लिए प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में इंदिरा रसोई योजना शूरू करेगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि 'कोई भूखा ना सोए' इस संकल्प को साकार करने के लिए इस योजना पर प्रति वर्ष 100 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इस योजना के तहत जरूरतमंद लोगों को दो समय का शुद्ध पौष्टिक भोजन रियायती दर से उपलब्ध कराया जाएगा।

योजना के तहत स्थानीय एनजीओ की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी एवं सूचना प्रौद्योगिकी की सहायता से प्रभावी मॉनिटरिंग होगी। गहलोत सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य स्तरीय कोविड-19 जागरूकता अभियान की वर्चुअल लॉन्चिंग को संबोधित कर रहे थे।

पोस्टर-वीडियो जारी व पांच मोबाइल वैन को भी हरी झंडी

मुख्यमंत्री ने सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की ओर से तैयार पांच तरह के जागरूकता पोस्टर, ऑडियो जिंगल तथा जागरूकता वीडियो की लॉन्चिंग की। उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन तथा यूएनएफपीए द्वारा जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से तैयार की गई पांच मोबाइल वैन को भी हरी झंडी दिखाई। अभियान की लॉन्चिंग के दौरान लोगों ने प्रदेशभर की करीब 11 हजार 500 लोकेशनों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए मुख्यमंत्री का संदेश सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी से डरने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी रखना आवश्यक है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों सहित आमजन से अभियान को जन-अभियान बनाने की अपील की।

देश की तुलना में राज्य की स्थिति

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में जहां प्रति दस लाख की आबादी पर 4887 टेस्टिंग हो रही हैं, वहीं राजस्थान में यह 8389 है। राष्ट्रीय औसत 3.28 प्रतिशत की तुलना में हमारे यहां कोरोना से मृत्यु दर केवल 2.32 प्रतिशत ही है। देश में जहां कोरोना से रिकवरी रेट 54 प्रतिशत है वहीं राजस्थान में यह 78 प्रतिशत है, जो यह दर्शाता है कि इस महामारी से निपटने के लिए राजस्थान के चिकित्सकों, नर्सिंग समुदाय सहित तमाम कोरोना वॉरियर्स ने किस समर्पण भाव एवं जज्बे से काम किया है।

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