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गहलोत, डोटासरा सहित कांग्रेस के कई बड़े नेता पैदल मार्च में नहीं हुए शामिल

केन्द्र के कृषि कानूनों के विरोध और किसान आंदोलन के समर्थन में सभी जिलों में निकाला मार्च, तिरंगा और कांग्रेस का झण्डा लेकर सड़कों पर निकले कांग्रेसी, मुख्यमंत्री नीति आयोग की बैठक में व्यस्त रहे तो डोटासरा का स्वास्थ्य ठीक नहीं होना बताया

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जयपुर। केन्द्र के कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों का साथ देकर कांग्रेस पार्टी अपनी जमीन मजबूत करने में कहीं कोर-कसर नहीं छोड़ रही। कांग्रेस की ओर से राज्यभर में जिला मुख्यालयों पर शनिवार को पैदल मार्च निकाले गए। इस मार्च में किसान तो नजर नहीं आए पर कांग्रेसियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। ट्रैक्टर, जीप और ऊंट भी इस पैदल मार्च में नजर आए। राजधानी जयपुर में पांच किलोमीटर लंबे पैदल मार्च में सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी ऊंट पर नजर आए तो परिवहन मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास ने ट्रैक्टर चलाया। शुरूआत में सभी नेता अलग-अलग चले, अंत में साथ हो लिए। भीड़ भी उम्मीद से कम ही नजर आई।


प्रदेश कांग्रेस ने किसान आंदोलन के समर्थन में सभी जिला ईकाइयों को पैदल मार्च करने के निर्देश दिए गए थे। एक दिन पहले पीसीसी की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया था कि जयपुर के मार्च में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा भी शामिल होंगे। लेकिन वे शामिल नहीं हुए। मुख्यमंत्री नीति आयोग की बैठक में व्यस्त रहे तो डोटासरा का स्वास्थ्य ठीक नहीं होना बताया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब तक मोदी सरकार तीनों कृथि कानून वापस लेने की अपनी हठधर्मिता नहीं छोड़ेगी, तब तक कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ खड़ी रहेगी।

जयपुर में ये वरिष्ठ नेता हुए शामिल

सभी नेताओं को अपने-अपने जिलों के पैदल मार्च में शामिल होने के लिए कहा गया था। जयपुर में शहर व देहात कांग्रेस कमेटियों की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में जयपुर संभाग प्रभारी गोविन्द राम मेघवाल, उप मुख्य सचेतक महेन्द्र चौधरी, विधायक गोपाल मीणा, पूर्व सांसद करणसिंह, पूर्व विधायक भगवान सहाय सैनी, रामचन्द्र सराधना के अलावा डॉ. अर्चना शर्मा, सीताराम अग्रवाल, पुखराज पाराशर, ललित तूनवाल, जसवंत गुर्जर सहित कई कांग्रेस पदाधिकारी मौजूद थे। हालांकि देहात के नेताओं की उपस्थिति कम रही। सचिन पायलट खेमे में माने जाने वाले विधायक इन्द्रराज गुर्जर और वेद सोलंकी शामिल नहीं हुए।