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गहलोत बोले वैभव की हार की जिम्मेदारी लें पायलट तो मचा बवाल, दिल्ली तक पहुंचा मामला

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच एक बयान ने तल्खी बढ़ा दी है। हुआ यों कि गहलोत ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि मैं समझता हूं की कम से कम पायलट को जोधपुर सीट पर हार की जिम्मेदारी तो उठानी चाहिए।
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जयपुर

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rohit sharma

Jun 04, 2019

gehlot pilot

गहलोत बोले वैभव की हार की जिम्मेदारी लें पायलट तो मचा बवाल, दिल्ली तक पहुंचा मामला

जयपुर।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ( Cm Ashok Gehlot ) और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ( Deputy Cm Sachin Pilot ) के बीच एक बयान ने तल्खी बढ़ा दी है। हुआ यों कि गहलोत ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि मैं समझता हूं की कम से कम पायलट को जोधपुर सीट पर हार की जिम्मेदारी तो उठानी चाहिए। जोधपुर की सीट ( Jodhpur Lok Sabha Seat ) का पूरा पोस्टमार्टम होना चाहिए कि वहां हम क्यों नहीं जीते? बस उनके इसी बयान ने राजनीतिक बवाल खड़ा कर दिया। हाथों-हाथ पूरी बात केन्द्रीय नेतृत्व तक पहुंच गई।

गहलोत और पायलट दोनों ने केन्द्रीय नेतृत्व के समक्ष अपना पक्ष रखा है। मामले को संभालने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ( Randeep Surjewala ) को सामने आना पड़ा। उन्होंने मंगलवार शाम ट्वीट कर लिखा कि गहलोत ने हार की सामूहिक जिम्मेदारी की स्पष्ट बात कही है। इससे पहले गहलोत ने ट्वीट करके अपने बयान पर सफाई दी। उन्होंने लिखा कि कुछ सवालों के जवाब को संदर्भ से बाहर लिया जा रहा है। हालांकि पायलट ने इस पूरे मामले पर कोई भी प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया।

दरअसल, इस पूरे बवाल की शुरूआत वैभव ( VAIBHAV GEHLOT ) की नामांकन रैली में पायलट के दिए भाषण और दूसरे चरण के बाद दिए उनके एक बयान से हुई। पायलट ने रैली में कहा था कि वैभव को वह अपनी जमानत पर टिकट दिलवाकर लाए हैं। बाद में उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि जोधपुर में 8 में से 6 विधायक कांग्रेस के हैं और मुख्यमंत्री गहलोत का वह गृह जिला है। अत: वहां से कांग्रेस सबसे बड़े अंतर से जीतेगी।

पायलट के इसी बयान को आधार बनाकर गहलोत से सवाल पूछा गया था। जवाब में वह बोले कि यह तो अच्छी बात है। मीडिया में गलतफहमी पैदा होती है की प्रदेशाध्यक्ष और मुख्यमंत्री की बनती नहीं है। जब पायलट कहते हैं मैंने वैभव के टिकट की जमानत दी है तो फिर हमारे बीच कहां मतभेद है, यह समझ से परे है। पर उसके बाद में पायलट ने कहा जोधपुर की सीट भारी बहुमत से जीतेंगे। शानदार कैंपेन किया है तो मैं समझता हूं की कम से कम पायलट को उस सीट पर हार की जिम्मेदारी तो लेनी चाहिए।

बयान पर बवाल होने के बाद मुख्यमंत्री की टीम ने मीडिया को गहलोत और पायलट दोनों के बयानों के वीडियो भेजकर सफाई दी। दोनों के बयानों के यह सभी वीडियो केन्द्रीय नेतृत्व को भी भेजे गए हैं।

गहलोत-पायलट के खेमों में बंटे नेता

प्रदेश कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व में लम्बे समय से चल रही खींचतान अब चरम पर है। चुनाव में सभी 25 सीट हारने के बाद बड़े नेताओं के बीच हार की जिम्मेदारी को लेकर तनाव बढ़ गया है। मुख्यमंत्री गहलोत, प्रदेशाध्यक्ष पायलट और प्रदेश प्रभारी अविनाश पाण्डे ( avinash pandey ) किसी ने भी अब तक हार की जिम्मेदारी नहीं ली है। हार के लिए अब तक तीनों ही सामूहिक जिम्मेदारी तय करने में जुटे हैं।

हालांकि गहलोत और पायलट खेमों में बंटे कांग्रेसजन चाहते हैं कि किसी एक गुट की स्पष्ट जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। इसे लेकर कुछ मंत्री तो खुलकर सामने आ चुके हैं। कुछ कांग्रेस नेता सोशल मीडिया पर अपने-अपने नेताओं के पक्ष में कमेंट करने में जुटे हैं।