
जयपुर।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजस्थान दौरे से ऐन पहले सियासी पारा उस समय और ज़्यादा गरमा गया, जब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री के सीकर के कार्यक्रम में उनके संबोधन को हटा दिए जाने की बात सार्वजनिक की। मुख्यमंत्री ने आज सुबह 7 बजकर 40 मिनट पर एक ट्वीट करते हुए प्रधानमंत्री का राजस्थान दौरे पर स्वागत भी किया, साथ ही प्रधानमंत्री कार्यालय को भी निशाने पर लिया। यही नहीं, उन्होंने प्रधानमंत्री के समक्ष राजस्थान से जुड़ी 5 महत्वपूर्ण मांगें भी साझा कीं।
पीएमओ ने हटाया संबोधन, ट्वीट से ही स्वागत
सीएम अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री के नाम अपने ट्वीट संदेश में प्रधानमंत्री कार्यालय को आड़े हाथ लिया। उन्होंने लिखा, 'माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी, आज आप राजस्थान पधार रहे हैं। लेकिन आपके कार्यालय PMO ने मेरा पूर्व निर्धारित 3 मिनट का संबोधन कार्यक्रम से हटा दिया है, इसलिए मैं आपका भाषण के माध्यम से स्वागत नहीं कर सकूंगा। अतः मैं इस ट्वीट के माध्यम से आपका राजस्थान में तहेदिल से स्वागत करता हूं।'
नए मेडिकल कॉलेजों में राजस्थान भी भागीदार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सीकर की धरा से प्रदेश को नए मेडिकल कॉलेजों की सौगात दिए जाने पर भी मुख्यमंत्री ने अपना रुख साझा किया। उन्होंने लिखा, 'आज हो रहे 12 मेडिकल कॉलेजों के लोकार्पण और शिलान्यास राजस्थान सरकार व केंद्र की भागीदारी का परिणाम है। इन मेडिकल कॉलेजों की परियोजना लागत 3,689 करोड़ रुपए है जिसमें 2,213 करोड़ केन्द्र का और 1,476 करोड़ राज्य सरकार का अंशदान है। मैं राज्य सरकार की ओर से भी सभी को बधाई देता हूं।
प्रधानमंत्री के सामने रखी 5 मांगें
मुख्यमंत्री ने अपने ट्वीट संदेश में प्रधानमंत्री के सामने 5 महत्वपूर्ण मांगें भी रखीं। मुख्यमंत्री ने लिखा, 'इस कार्यक्रम में अपने भाषण के माध्यम से जो मांग रखता वो इस ट्वीट के माध्यम से रख रहा हूं। आशा करता हूं 6 महीने में की जा रही इस सातवीं यात्रा के दौरान आप इन्हें पूरी करेंगे।'
ये 5 मांगें रखीं-
1. राजस्थान खासकर शेखावाटी के युवाओं की मांग पर अग्निवीर स्कीम को वापस लेकर सेना में परमानेंट भर्ती पूर्ववत जारी रखी जाए।
2. राज्य सरकार ने अपने अंतर्गत आने वाले सभी को-ऑपरेटिव बैंकों से 21 लाख किसानों के 15,000 करोड़ रुपये के कर्ज माफ किए हैं। हमने केन्द्र सरकार को राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्ज माफ करने के लिए वन टाइम सेटलमेंट का प्रस्ताव भेजा है जिसमें किसानों का हिस्सा हम देंगे। इस मांग को पूरा किया जाए।
3. राजस्थान विधानसभा ने जातिगत जनगणना के लिए संकल्प पारित कर भेजा है। केन्द्र सरकार इस पर अविलंब निर्णय ले।
4. NMC की गाइडलाइन के कारण हमारे तीन जिलों में खोले जा रहे मेडिकल कॉलेजों में केन्द्र सरकार से कोई आर्थिक सहायता नहीं मिल रही है। ये पूरी तरह स्टेट फंडिंग से बन रहे हैं। इन आदिवासी बाहुल्य तीनों जिलों के मेडिकल कॉलेजों में भी केन्द्र सरकार 60% की फंडिंग दे।
5. पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ERCP) को राष्ट्रीय महत्व की परियोजना का दर्जा दिया जाए।
Published on:
27 Jul 2023 09:13 am
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
