
राजस्थान की भजनलाल सरकार ने प्रशासनिक सुधार और शासन में नई ऊर्जा फूंकने के उद्देश्य से एक बड़ी तबादला सूची जारी की है। इस सूची की सबसे बड़ी खासियत मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में किया गया 'क्लीन स्वीप' है। एसीएस (ACS) अखिल अरोड़ा को छोड़कर मुख्यमंत्री की पुरानी टीम के लगभग सभी प्रमुख चेहरों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। अब सीएमओ में नई और युवा टीम की एंट्री हुई है, जिसमें जितेंद्र सोनी और रिया डाबी जैसे चर्चित नाम शामिल हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय में हुए इस बदलाव ने सबको चौंका दिया है। अब तक सीएम की कोर टीम का हिस्सा रहे कई कद्दावर अधिकारियों को जिलों या अन्य विभागों में भेज दिया गया है। शासन सचिवालय में चर्चा है कि मुख्यमंत्री अब अपनी एक ऐसी टीम चाहते हैं जो उनके 'विजन 2027' और 'आपणो अग्रणी राजस्थान' के संकल्प को जमीन पर उतार सके। केवल अखिल अरोड़ा को बरकरार रखना यह दर्शाता है कि वित्त और महत्वपूर्ण रणनीतिक मामलों में सरकार अभी भी उनके अनुभव पर भरोसा कर रही है।
भजनलाल शर्मा की नई टीम में अनुभव और युवा जोश का संतुलन बनाने की कोशिश की गई है:
सिर्फ सीएमओ ही नहीं, बल्कि राजस्थान के कई महत्वपूर्ण जिलों के कलेक्टर भी बदल दिए गए हैं। 65 अधिकारियों की इस बड़ी सूची में कई जिलों की कमान नए हाथों में सौंपी गई है। सरकार का उद्देश्य जिलों में जनसुनवाई को प्रभावी बनाना और सरकारी योजनाओं की अंतिम छोर तक पहुँच सुनिश्चित करना है।
राजस्थान में तबादला सूचियों का देर रात आना कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस सूची ने जिस तरह से सीएमओ के पूरे ढांचे को बदल दिया है, उसने प्रशासनिक गलियारों में 'सस्पेंस' पैदा कर दिया है। चर्चा है कि पिछले कुछ समय से फीडबैक मिल रहा था कि सीएमओ की कार्यप्रणाली में बदलाव की जरूरत है, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने यह कड़ा कदम उठाया।
तबादलों की यह एक्सप्रेस रफ्तार बताती है कि मुख्यमंत्री अब 'मिशन मोड' में काम करना चाहते हैं। नई टीम के पास अब सबसे बड़ी चुनौती मुख्यमंत्री की जन-कल्याणकारी घोषणाओं को समय सीमा में पूरा करने की होगी।
Updated on:
01 Apr 2026 01:54 pm
Published on:
01 Apr 2026 12:12 pm
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