
जयपुर। rajasthan election 2023 : जेएलएन मार्ग पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ड्रीम प्रोजक्ट सेंट्रल ऑफ एक्सीलेंस ने भले ही मूर्त रूप ले लिया है, लेकिन काम अधूरा होने के कारण सीएम इसका फीता नहीं काट पाएंगे। इस सप्ताह आचार संहिता लग जाएगी। वहीं, प्रोजक्ट का पूरा काम 2024 तक होगा। ऐसे में नई सरकार में ही इसका शुभारंभ होगा। दरअसल, इसे एजुकेशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।
गांधी सर्कल के पास 400 करोड़ की लागत से सेंट्रल ऑफ एक्सीलेंस बनाया जा रहा है। करीब 80 फीसदी काम पूरा हो गया है। इसमें चार संस्थान संचालित किए जाएंगे। एक ही परिसर में स्कूल, कॉलेज, लाइब्रेरी, हॉस्टल, लैब जैसी सुविधाएं छात्रों को एक ही जगह मिलेगी। इसके शुरू होेने के बाद राजस्थान यूनिवर्सिटी से लेकर शिक्षा संकुल के बीच क्षेत्र को एजुकेशन हब कहलाएगा। मुख्यमंत्री ने बजट में इसकी घोषणा की थी।
राजस्थान और कॉमर्स कॉलेज को दिए 50 करोड़
राजस्थान और कॉमर्स कॉलेज में होने वाले डवलपमेंट को भी एजुकेशन हब में शामिल किया जा रहा है। इसके लिए सरकार ने 50 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। इसमें ऑडिटोरियम, ऑनलाइन परीक्षा हॉल, लाइब्रेरी, स्मार्ट कक्षाएं आदि बनाई जाएंगी। यूनिवर्सिटी ने प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेज दिया है।
सेंट्रल ऑफ एक्सीलेंस में ये सुविधाएं
- महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ गर्वेनंस और सोशल साइंस शिफ्ट होगा, यहां महात्मा गांधी के जीवन पर विद्यार्थी अध्ययन कर सकेंगे
- राजा रामदेव पोद्दार आवासीय स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की पुरानी इमारत का पुनरुद्धार कर नया भवन बनाया जा रहा
- टिकरिंग लैब खुलेगी, छात्र आधुनिक तकनीक से रूबर होंगे
-छात्र और छात्राओं के लिए छात्रावासों की सुविधा
- राधाकृष्ण लाइब्रेरी एवं कोचिंग सेंटर शुरू होगा, विद्यार्थियों को 24 घंटे निःशुल्क सुविधा मिलेगी
- जयपुर कॉलेज को और विकसित किया जाएगा, इसे नए भवन में शिफ्ट करेंगे। इसके बाद कॉलेज में नए कोर्स और खुलेंगे।
ये काम सेंट्रल ऑफ एक्सीलेंस के
- 225 करोड़ की लागत से महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ गर्वेनंस हो रहा शुरू
- 100 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे पोद्दार आवासीय स्कूल ऑफ एक्सीलेंस पर
- 75 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे राधाकृष्ण लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटर
Published on:
08 Oct 2023 09:45 am
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