
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ग्राम पंचायतों में गोशाला — पशु आश्रय स्थल जन सहभागिता योजना को सहमति प्रदान की है। उन्होंने योजना के प्रथम चरण में 1500 ग्राम पंचायतों में स्थल निर्माण एवं संचालन के लिए लगभग 1377 करोड़ रुपए के वित्तीय प्रावधान को भी मंजूरी दी है।
इस योजना के तहत जिन ग्राम पंचायतों में गौशाला, पशु आश्रय स्थल का संचालन करने के लिए सक्षम कार्यकारी एजेंसी (ग्राम पंचायत/स्वयंसेवी संस्था) उपलब्ध होगी, वहां प्राथमिकता से एक-एक करोड़ तक की राशि से गौशालाएं स्थापित की जाएंगी।
इसके तहत वर्ष 2022-23 में 200 एवं 2023-24 में 1300 ग्राम पंचायतों में स्थलों का निर्माण किया जाएगा। इसमें राज्य सरकार 90 प्रतिशत और कार्यकारी एजेंसी 10 प्रतिशत राशि वहन करेगी। मुख्यमंत्री गहलोत ने स्थलों के निर्माण एवं संचालन के लिए वर्ष 2022-23 में 183.60 करोड़ रुपए तथा वर्ष 2023-24 के लिए 1193.40 करोड़ रुपए सहित कुल 1377 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है।
गहलोत के निर्णय से आवारा एवं निराश्रित पशुओं के लिए एक स्थाई आश्रय मिल सकेगा। किसानों को भी आवारा पशुओं की समस्या से राहत मिलेगी। गौरतलब है कि वर्ष 2022-23 के बजट में ग्राम पंचायतों में गौशाला, पशु आश्रय स्थलों का संचालन किए जाने की घोषणा की गई थी। राज्य सरकार द्वारा पशुपालकों के हित में निरंतर निर्णय लिए जा रहे हैं। प्रदेश में संचालित गौशालाओं को वर्ष में 9 महीने तक अनुदान दिया जा रहा है। नंदीशालाएं खोली जा रही हैं। पशुपालकों को 5 रुपए प्रति लीटर हिसाब से दूध पर अनुदान भी मिल रहा है।
Updated on:
15 Jan 2023 03:11 pm
Published on:
15 Jan 2023 03:08 pm
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