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ऑक्सीजन की मांग को लेकर गहलोत ने की पीएम मोदी से बात, मिला मदद का आश्वासन

कोविड-19 संक्रमण को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की और हालातों से अवगत करवाया ।

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ashok gehlot

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जयपुर। कोविड-19 संक्रमण को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की और हालातों से अवगत करवाया । इसे लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट भी किया है मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट करते हुए लिखा प्रदेश में कोविड की स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी से फोन पर चर्चा हुई।

उन्हें प्रदेश की स्थिति से अवगत कराने के साथ ही संक्रमितों के आधार पर ऑक्सीजन की उपलब्धता की मांग की। प्रधानमंत्री ने इसे शीघ ही हल करने का आश्वासन दिया है। प्रधानमंत्री के निर्देश के बाद इस संबंध में रेल मंत्री पीयूष गोयल से भी चर्चा हो गयी है। उम्मीद है जल्दी ही प्रदेश का ऑक्सीजन आवंटन केन्द्र द्वारा बढ़ा दिया जायेगा।


सीएम ने कहा कि राजनाथ सिंह रक्षा मंत्री से भी आग्रह किया कि पहले की तरह खाली ऑक्सीजन टेंकर जामनगर, हजीरा इत्यादि तक भेजने हेतु एयरफोर्स की सेवाएं चालू रखी जायें। साथ ही राजस्थान की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए डीआरडीओ द्वारा लगाए जाने वाले ऑक्सीजन प्लांट्स की संख्या भी 15 से बढ़ाकर सभी जिलों में स्थापित करने की मांग की है ।

कोरोना मरीजों के लिए सरकार ने शुरू की निःशुल्क एंबुलेंस सेवा
कोरोना मरीजों के लिए गहलोत सरकार ने निशुल्क एंबुलेंस सेवा शुरू की है इसे लेकर आज मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट भी किया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट करते हुए लिखा कि देशभर में कई स्थानों पर हमारी पवित्र नदियों गंगा, यमुना के किनारे शव मिलने एवं दफनाए जाने से लोग विचलित हो रहे हैं। कोविड से दिवंगत हुए रोगियों के पार्थिव देह को उचित सम्मान ना मिलने एवं एंबुलेंस मालिकों की और से अधिक राशि वसूलने की खबरें आईं हैं। इस मुश्किल समय में ऐसा होना दुखद है।

प्रदेश सरकार ने इस संबंध में कुछ जरूरी कदम उठाए हैं। प्रदेश में सभी कोरोना मरीजों के लिए प्रदेश सरकार ने निःशुल्क एंबुलेंस की व्यवस्था की है जिससे मरीज के परिजनों को परेशानी ना हो एवं समय पर रोगी को अस्पताल पहुंचाकर इलाज दिया जा सके। इसके लिए सरकार ने निजी एंबुलेंसों का भी अधिग्रहण करने का अधिकार जिला कलेक्टर को दिया है।

कोविड से दिवंगत हुए लोगों को भारतीय परम्परा के अनुसार ससम्मान अंतिम विदाई देने के लिए मृतक का शव अस्पताल से लेकर कोविड प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार की पूरी जिम्मेदारी शहरी एवं ग्रामीण स्थानीय निकायों को दी गई है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने अलग से फंड भी आवंटित किया है।

गहलोत ने लिखा कि भारतीय परम्परा के अनुसार मृतकों की अस्थियां गंगाजी में प्रवाहित करने के लिए पिछले वर्ष से ही निशुल्क मोक्ष कलश यात्रा बसें चलाई गईं हैं। हमारा यह कर्तव्य है कि दुनिया से विदा होने वाले सभी दिवंगतों का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार किया जाए जिससे उनके परिजनों को संबल मिल सके।कोविड से संबंधित किसी भी मदद, शिकायत या सुझाव के लिए राजस्थान सरकार की कोविड हेल्पलाइन 181 पर कॉल करें।