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कॉन्स्टिट्यूशन क्लब शिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री गहलोत ने चलाए शब्द बाण, एक तीर से साधे कई निशाने

कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान के शिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री ने विपक्ष के साथ-साथ अपने नेताओं को भी निशाने पर लिया,मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि राजनीति में आने वाले लोगों की आजकल रगड़ाई नहीं होती है, जिन लोगों की रगड़ाई होती है वो लोग राजनीति में आगे पहुंचते हैं, उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ और नेता प्रतिपक्ष कटारिया पर भी मुख्यमंत्री ने ली चुटकी

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जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान के शिलान्यास समारोह के दौरान कई शब्द बाण चलाएं और एक तीर से कई निशाने साधने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री ने विपक्ष के नेताओं के साथ-साथ अपने नेताओं पर भी सियासी चुटकी ली।

इस दौरान समारोह में जहां कई बार पक्ष-विपक्ष के नेताओं ने जमकर ठहाके भी लगाए तो कई बगले झांकने लगे। शिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यहां तक कह दिया कि वह अभी रिटायरमेंट होने वाली नहीं है और अंतिम सांस तक जनता की सेवा करेंगे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के भी इस बयान से सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।

विपक्ष के नेताओं पर ली चुटकी
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि सभी पक्ष-विपक्ष के लोग यहां बैठे हैं इन्हें देखकर यह नहीं लगता कि अब से थोड़ी देर पहले विधानसभा में विपक्ष के लोग पुरजोर तरीके से सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे, लेकिन यहां सब प्यार से बैठे हैं। नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया जो सदन में जोर-जोर से सीबीआई जांच की मांग उठा रहे थे उन्होंने इतने अच्छा संबोधन यहां दिया है इसलिए लोग आपस में इस बात की चर्चा करते हैं कि यह लोग सब आपस में मिले हुए हैं।

राजेंद्र राठौड़ को गाने का शौक
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत नेता उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ पर भी चुटकी लेते हुए कहा कि वे पहले राजेंद्र राठौड़ पड़ोसी हुआ करते थे और अपने जन्मदिन पर खुद ही गाने गाते थे, लेकिन मुझे आज तक मलाल है कि उन्होंने मुझे एक बार भी अपने जन्मदिन पर नहीं बुलाया। मुख्यमंत्री इस मौके पर एक शेर भी कहा कि "दुश्मनी जम कर करो लेकिन इतनी गुंजाइश रहे जब कभी आपस में मिले तो शर्मिंदा नहीं हो" इस तरह की भावना होनी चाहिए।

वसुंधरा राजे सबको फिल्म दिखाती थीं
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने संबोधन में कहा कि वसुंधरा राजे जब पहली बार मुख्यमंत्री बनी थी तो वह सत्र के अंतिम दिन खूब शोर शराबा होने के बावजूद पक्ष-विपक्ष के सदस्यों को फिल्म देखने ले जा जाती थी, जिससे लोगों में भी इस बात की चर्चा होती थी कि यह लोग सब बाहर से दिखावा करते हैं और अंदर सब मिले हुए हैं।

विपक्ष के नेताओं को लेकर मैं चिंता में था
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि विपक्ष के नेताओं के कांस्टीट्यूशन क्लब शिलान्यास समारोह में आने को लेकर मैं चिंता में था। चूंकि जिस तरह से भाजपा के नेता सदन सदन में पुरजोर तरीके से सीबीआई जांच की मांग उठा रहे थे और अपने तीखे तेवर दिखा रहे थे। उससे मुझे लगने लगा था कि विपक्ष के नेता इस समारोह में नहीं आएंगे।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी की ओर मुखातिब होते हुए कहा कि मैंने आपसे भी पूछा था कि क्या गुलाब चंद कटारिया आएंगे, लेकिन आज गुलाबचंद कटारिया भी आए हैं और उपनेता प्रतिपक्ष सहित कई विपक्ष के अन्य लोग भी आए हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजेंद्र राठौड़ की ओर मुखातिब होते हुए कहा कि आप आ गए हैं तो सब आ गए हैं जिस पर एक बार फिर समारोह में ठहाके लगे।

राजनीति में आने वाले नेताओं की नहीं होती रगड़ाई
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजनीति में रंगडा़ई वाले बयान को लेकर एक बार फिर अपने ही नेताओं पर निशाना साधा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजनीति में आने वाले नए लोगों की अब रगड़ाई नहीं होती है। उन्होंने कहा कि पहले जब में एनएसयूआई में था तो मेरी खूब रगड़ाई और उसी की बदौलत है कि 50 से साल से राजनीति में हूं और तीसरी बार का मुख्यमंत्री हूं। उन्होंने कहा कि राजनीति में और संगठन में जिस कार्यकर्ता की रगड़ाई होती है तो वो राजनीति में आगे बढ़ता है और एक अच्छा विधायक और सांसद साबित होता है।