
ashok gehlot
जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरूवार को अपने निवास पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्री आर्थिक सुधार सलाहकार परिषद की दूसरी बैठक ली। बैठक में यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल, जलदाय मंत्री बीडी कल्ला और शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा भी शामिल हुए।
बैठक में मुख्यमंत्री सीएम गहलोत के सलाहकार गोविंद शर्मा, आईआईएम अहमदाबाद के निदेशक प्रो. इरोल डिसूजा, जेएनयू की प्रोफेसर कविता सिंह, राज्यसभा सदस्य राजीव गौड़ा औक दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक मंगू सिंह ने अहम सुझाव दिए।
अगला बजट कृषि को समर्पित होगा
आर्थिक सुधार सलाहकार परिषद को बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल है, जिसने राजस्व में बड़ी गिरावट के बावजूद अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए अपने खर्च में वृद्धि की है। साथ ही बजट घोषणाओं को पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरा करने के प्रयास किए हैं। हमारा वर्तमान बजट स्वास्थ्य को समर्पित रहा और प्रदेश में चिकित्सा का आधारभूत ढांचा मजबूत हुआ। इसी प्रकार अगला बजट कृषि क्षेत्र को समर्पित होगा।
केंद्र से नहीं मिल पा रहा भुगतान
आर्थिक सुधार सलाहकार परिषद को बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि 15वें वित्त आयोग ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2020-21 के लिए विभाज्य पूल से राजस्थान को 50 हजार करोड़ रूपए देने का अनुमान लगाया था, लेकिन वास्तविक हस्तांतरण करीब 32 हजार करोड़ रूपए ही रहा।
इसी प्रकार जीएसटी मुआवजे का भी केंद्र की ओर से पूरा भुगतान राज्यों को नहीं किया जा रहा है। जल सहित विभिन्न परियोजनाओं में पहले केंद्र और राज्य का अनुपात 90ः10 होता था, जो अब 50ः50 पर आ गया है। पेट्रोल और डीजल पर करों के डिविजिबल पूल में से राज्यों को मिलने वाले हिस्से को भी लगातार कम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों का तत्काल समाधान जरुरी है नहीं तो राज्यों के विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
कोविड में किया बेहतर प्रबंधन
सीएम ने कहा कि राज्य सरकार ने कोविड की पहली और दूसरी लहर का बेहतरीन प्रबंधन किया है। प्रदेश में अब प्रतिदिन 1.50 लाख आरटी-पीसीआर टेस्ट करने की क्षमता हासिल कर ली गई है। ऑक्सीजन बेड 149 प्रतिशत, आईसीयू 64 प्रतिशत और वेंटीलेटर बेड 87 प्रतिशत तक बढ़े हैं।
ग्रामीण स्तर तक चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत किया गया है। हर परिवार को स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने और इलाज के खर्च से मुक्त करने के लिए मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई साल में सरकारी क्षेत्र में 90 हजार से अधिक भर्तियां की गई हैं और 81 हजार भर्तियां प्रक्रियाधीन हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में अंग्रेजी माध्यम के 1200 विद्यालय शुरू किए हैं।
राजस्थान को मिले विशेष राज्य का दर्जा
सीएम ने कहा कि राजस्थान की भौगोलिक परिस्थितियां काफी जटिल हैं। ऎसे में यहां सर्विस डिलीवरी की लागत अन्य राज्यों के मुकाबले काफी अधिक आती है। इन हालात में राजस्थान को विशेष राज्य का दर्जा मिलना चाहिए, लेकिन केंद्र सरकार ने इस दिशा में अभी तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया है।
उन्होंने कहा कि तमाम चुनौतियों के बावजूद हमारा प्रयास है कि प्रदेश के सतत विकास के लिए आर्थिक सुधारों के साथ ही गवर्नेंस के मॉडल में भी बदलाव लाएं। इससे पहले परिषद के उपाध्यक्ष अरविंद मायाराम ने स्वागत परिषद की ओर से राजस्थान के समग्र विकास के लिए तय किए गए बिंदुओं पर प्रकाश डाला।
Published on:
05 Aug 2021 09:14 pm
