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सीएम राजे और गजेन्द्रसिंह शेखावत के बीच मंच पर नजर आई खींचतान, शेखावत के समर्थन में तालियों से गूंज उठा पूरा मंच

शेखावत उद्बोधन देने जाने लगे तो उनके समर्थन में नारे लगे और पांडाल तालियों से गूंज उठा...
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जयपुर

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Dinesh Saini

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Updated: 23 Jun 2018, 12:23 PM IST

CM Raje

जोधपुर। सूर्यनगरी जोधपुर में चुनावी बिगुल फूंकने आई मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और केंद्रीय कृषि एवं कल्याण मंत्री और सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत के बीच की रार की चर्चा पहले ही सियासी गलियारों में गूंज रही है। ऐसे में एक बार फिर से दोनों के बीच खींचतान सामने आई। हालांकि अपने दो दिवसीय दौरे पर जोधपुर आईं मुख्यमंत्री राजे की अगवानी करने आए सांसद शेखावत को देख इस बात को विराम लग गया। दोनों के बीच की स्थितियां सामान्य दिखने लगीं। लेकिन शुक्रवार को लोकतंत्र रक्षा मंच की ओर से आयोजित कार्यक्रम में दोनों के बीच की खींचतान लोगों में चर्चा का विषय बन गई।

यहां मेडिकल कॉलेज सभागार में शुक्रवार को लोकतंत्र रक्षा मंच और लोकतंत्र सेनानियों के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि चुनावी बिगुल बज चुका है। 70 साल के हों या 84 साल के, सभी कमर कस लो। बाहें चढ़ाओ और घर से निकलो। बताओ सबको, इस बार फिर भाजपा सरकार आएगी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथ मजबूत करेंगे। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों से कहा, लोकतंत्र की रक्षा के लिए आपातकाल में आप लोगों के संघर्ष से ही आज भाजपा का अस्तित्व है। अब फिर सभी सेनानी घर से निकलकर सरकार के कार्यों को जनता तक पहुंचाएं। आधे घंटे के उद्बोधन में उन्होंने आपातकाल को याद करते हुए कहा कि उनकी मां विजयाराजे सिंधिया भी जेल में रहीं।

शेखावत के समर्थन में तालियों से गूंज उठा पूरा पांडाल
इस दौरान मुख्यमंत्री राजे और केंद्रीय कृषि-किसान कल्याण राज्यमंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत के बीच मंच पर सियासी दांवपेच भी नजर आए। कई बार शेखावत मुख्यमंत्री को जानकारी देते और ठहाके लगाते दिखे। शेखावत उद्बोधन देने जाने लगे तो उनके समर्थन में नारे लगे और पांडाल तालियों से गूंज उठा। उद्बोधन से ठीक पहले मुख्यमंत्री ने शेखावत से कहा, क्या आप भी आपातकाल के समय थे? शेखावत ने कहा, चार-पांच साल का था। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा, फिर आपको सेनानी कैसे मान लिया जाए। शेखावत ने हंसकर बात टाल दी और उद्बोधन शुरू किया।