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आइस और हीट थैरेपी का सही उपयोग

बहुत अधिक शारीरिक कार्य करने से मांसपेशियों में जकडऩ आ जाए तो ऐसे में हीट थेरेपी कारगर होगी

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आइस और हीट थैरेपी का सही उपयोग

मोच आने पर

मोच लगने पर कुछ लोग गर्म सेक करते हैं लेकिन यह सही तरीका नहीं है। इससे समस्या ज्यादा बढ़ सकती है। ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी के अध्ययन से भी सामने आया कि इस तरह की चोट लगने पर हीट थैरेपी का उपयोग करना समस्या को जटिल कर सकता है। इसकी जगह आइस थैरेपी का प्रयोग करना ज्यादा कारगर होगा, यह जल्दी सूजन दूर करेगी।

पीरियड्स में दर्द
पी रियड्स के दिनों में कुछ लोगों को इतनी अधिक तकलीफ होती है कि वे अपने रोजमर्रा के कामों को भी ठीक तरह से नहीं कर पाते हैं। ऐसे में होने वाले तेज दर्द से राहत पाने के लिए आइस थैरेपी की जगह हीट थैरेपी का उपयोग करना कारगर होता है। गर्म पानी का सेक करने लिए आप किसी बोतल में गर्म पानी डालकर उसे टॉवल में लपेट लें और पेट पर सिकाई करें। इससे आपको कुछ ही समय में आराम मिल जाएगा। कई अध्ययनों से भी यह सामने आया है कि मैस्ट्रूअल क्रैम्स में हीट थैरेपी कारगर होती है। हीट थैरेपी से मांसपेशियों का खिंचाव कम होता है और रक्त संचार सुचारू होता है। इस तरह पीरियड्स के दर्द से राहत मिलेगी।

सिरदर्द में दोनों थैरेपी होगी उपयोगी
सिर दर्द से राहत पाने के लिए दोनों ही तरह की थैरेपी का उपयोग किया जा सकता है लेकिन यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपको किस तरह का दर्द है। आपको किसी तनाव की वजह से सिर में दर्द होने लगा है तो ऐसे में हीट थैरेपी ज्यादा कारगर होगी। साइनस की वजह से सिरदर्द है तो ऐसे में भी हीट थैरेपी का ही प्रयोग करें लेकिन माइग्रेन की समस्या से लोगों को सिरदर्द से राहत पाने के लिए आइस थैरेपी का उपयोग करना चाहिए। साथ ही अन्य तरह के घरेलू उपायों को भी आजमाया जा सकता है, जो माइग्रेन दूर करने मेें कारगर हो।

मांसपेशियों में ऐंठन
मांसपेशियों में ऐंठन आ गई है तो हीट थैरेपी ज्यादा उपयोगी होगी। मसल्स में सख्ती और दर्द को दूर करने के लिए हीट थैरेपी का प्रयोग करें। इसके लिए आप चाहें तो गर्म शावर भी ले सकते हैं या फिर गर्म पानी से मसल्स की सिकाई भी कर सकते हैं। जोड़ों और मसल्स में आई सन्नता दूर करने के लिए भी हीट थैरेपी कारगर होती है। यह ब्लड फ्लो बढ़ाती है, जिससे मांसपेशियां फिर से सक्रिय हो जाती है। इसके अलावा यदि पीठ में दर्द की समस्या है तो आइस और हीट, दोनों तरह की थैरेपी का उपयोग किया जा सकता है। मसल्स स्पाज्म की परेशानी से भी आराम मिलेगा।

आर्थराइटिस में अपनाएं दोनों
आर्थराइटिस के कारण जोड़ों में होने वाले तेज दर्द से राहत पाने के लिए हीट एवं आइस, दोनों ही तरह की थैरेपी कारगर हैं। यदि आर्थराइटिस की वजह से जोड़ों में बहुत अधिक इंफ्लेमेशन है, जिससे दर्द होने के साथ ही मसल्स सख्त भी हो गई तो ऐसे में हीट थैरेपी ज्यादा उपयोगी होगी। हीट थैरेपी मांसपेशियां को ढीला करने का काम करेगी। इससे दर्द से राहत मिलेगी। इसी तरह आप आइस थैरेपी का उपयोग करते हैं तो इससे जोड़ों के पास इंफ्लेमेशन को दूर किया जा सकता है। इस तरह आपको आर्थराइटिस के दर्द से आराम मिल सकता है।

कीड़े के काटने पर आइस
किसी भी तरह के कीड़े के काटने के बाद उस जगह तेज दर्द और सूजन की समस्या आती है। ऐसे ही हीट थैरेपी का उपयोग करने पर समस्या ज्यादा बढ़ सकती है। इसलिए आइस थैरेपी को अधिक कारगर माना गया है। प्रभावित त्वचा पर बर्फ के टुकड़ों को किसी मोटे रुमाल लपेट कर सिकाई करें। यह इंफ्लेमेशन को दूर करने में भी कारगर है। टेंडिनाइटिस के दर्द को दूर करने के लिए भी आइस थैरेपी बेहतर है। इस तरह की समस्या होने पर शुरुआत के तीन दिनों तक इंफ्लेमेशन दूर करने के लिए आइस थैरेपी अपनाएं। इसके बाद ब्लड फ्लो बढ़ाने के लिए हीट थैरेपी लें।