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सरकार के अधीन होंगे एसएफएस कोर्स के तहत संचालित हो रहे कॉलेज

तकनीकी शिक्षा विभाग कर रहा है योजना का रिव्यूसरकार को भेजा गया प्रस्तावदूर होगी बजट,इन्फ्रास्ट्रक्चर और शिक्षकों की कमी

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जयपुर

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Rakhi Hajela

Jan 31, 2021

सरकार के अधीन होंगे एसएफएस कोर्स के तहत संचालित हो रहे कॉलेज

सरकार के अधीन होंगे एसएफएस कोर्स के तहत संचालित हो रहे कॉलेज


प्रदेश में एसएफएस कोर्स (SFS course) के तहत संचालित हो रहे सभी इंजीनियरिंग कॉलेज (College of Engineering) अब जल्द ही सरकार के अधीन होंगे। तकनीकी शिक्षा विभाग (Technical education department) ने इस संबंध में एक प्रस्ताव (Proposal) बनाकर राज्य सरकार (State govt.) को भेजा है यदि इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिल जाती है तो सरकार इन कॉलेजों को अपनी अधीन ले लेगी जिससे कॉलेजों में लगातार हो रही एडमिशन की कमी के साथ ही बजट की कमी भी दूर हो सकेगी। प्रदेश के विभिन्न जिलों में ऐसे 11 कॉलेज संचालित हैं। इन कॉलेजों को सरकार के अधीन लाने से इनके सभी कर्मचारियों को वेतन भत्ते भी सुनिश्चित हो सकेंगे। सीटें और पाठ्यक्रम तकनीकी शिक्षा विश्वविद्यालय (University of Technical Education) से तय होती हैं। जबकि प्रशासनिक मामलों पर सम्बन्धित कॉलेज के गवर्निंग बोर्ड यानी बीओजी में फैसले होते हैं। ऐसे में सभी में अलग.अलग नियम कायदे चल रहे हैं।
नहीं मिलती सरकारी मदद
इन कॉलेजों को राज्य सरकार से किसी प्रकार की सहायता नहीं मिल पाती। इन कॉलेजों की फीस भी अधिक होती है और उसी से कॉलेज अपना पूरा खर्च निकालते हैं फिर वह इन्फ्रास्ट्रक्चर हो या फिर शिक्षकों व स्टाफ की पूरी सैलेरी। इसके चलते लंबे समय से शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन संबंधी विसंगतियों की शिकायतें विभाग में मिल रही थी। ऐसे में अब विभाग ने तय किया है कि यदि सीएम की मंजूरी मिल जाती है तो जल्द ही इन कॉलेजों को भी राज्य सरकार के अधीन कर दिया जायेगा ताकि इन्हें भी आम सरकारी कॉलेजों की तरह सरकारी मदद उपलब्ध करवाई जा सके।
पहले ठंडे बस्ते में जा चुका है मामला
आपको बता दें कि इससे पहले भी एक बार मुख्यमंत्री सलाहकार परिषद की बैठक में इस बारे में विचार हुआ था। बारां,अजमेर महिला कॉलेज और झालावाड़ के इंजीनियरिंग कॉलेजों को सरकारी क्षेत्र में लेने और सभी कॉलेजों के प्रशासनिक निर्णय एक स्थान से करने के लिए अपेक्स बॉडी बनाने के प्रस्ताव भी वित्त विभाग को भेजे गए, लेकिन इन पर सहमति नहीं बनने से मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
यह होगा फायदा
: सभी के प्रशासनिक निर्णय एक स्थान से होंगे।
: कॉलेजों में रिक्त पदों पर भर्ती आरपीएएसी के जरिए की जा सकेंगी।
: कॉलेजों का स्टाफ ट्रांसफर हो सकेगा।
इनका कहना है,
सेल्फ फाइनेंस स्कीम के कॉलेजों का संचालन किया जाए की योजना ही गलत थी। हम इस स्कीम को रिव्यू कर रहे हैं और प्रयासरत है कि कॉलेजों के संचालन में आ रही समस्याओं को जल्द से जल्द दूर किया जाए।
डॉ. सुभाष गर्ग, तकनीकी शिक्षा मंत्री


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