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अब ड्राइविंग लाइसेंस के लिए एजेंट और अप्रोच नहीं आएगी काम, कम्प्यूटर लेगा ड्राइविंग ट्रायल

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अब ड्राइविंग लाइसेंस के लिए एजेंट और अप्रोच नहीं आएगी काम, कम्प्यूटर लेगा ड्राइविंग ट्रायल

विजय शर्मा / जयपुर। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए अब एजेंट और अप्रोज काम नहीं आएंगे। आप अनुभवी ड्राइवर हो तो ही आपका लाइसेंस बनेगा। क्यों कि आपका ट्रायल परिवहन निरीक्षक नहीं बल्कि कम्प्यूटर लेगा। जी हां। जयपुर के जगतपुरा आरटीओ कार्यालय में प्रदेश का पहला ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रैक बनकर तैयार हो चुका है। यहां पर राजस्थान राज्य सड़क विकास एवं निर्माण निगम ने इन्फ्रास्ट्रक्चर का कार्य पूरा कर लिया है।

अब यहां डिजिटल कम्प्यूटराइज्ड नेटवर्क का काम चल रहा हैै, जो अगले सप्ताह तक पूरा कर लिया जाएगा। इधर ट्रैक निर्माण पूरा होने पर विभाग ने भी इसके उद्घाटन की तैयारी में जुट गया है। ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रैक का फीता मुख्यमंत्री से कटाने की तैयारी चल रही है। इसको लेकर आरटीओ कार्यालय ने जिला प्रशासन से ट्रैक का काम पूरा होने की सूचना भेजी है। उल्लेखनीय है कि राज्य में ऐसे 13 ट्रैक परिवहन कार्यालयों में बन रहे हैं, जिनमें से सबसे पहले जगतपुरा में काम पूरा किया गया है।

नई प्रक्रिया में यह होगा बदलाव
- 45 मिनट पहले पहुंचना होगा आरटीओ कार्यालय
- 20 मिनट की क्लास होगी ट्रायल से पहले
- 5 ड्राइविंग ट्रैक बनाए गए हैं कार्यालय में
4 प्रक्रार का ड्राइविंग टेस्ट देने होंगे चालक को
- 1 दुपहिया, 4 ट्रैक होंगे चौपहिया लाइसेंस के लिए


जानिए ट्रायल कैसी होगी
—पहले टेस्ट में यातायात नियमों की पालना करते हुए 8 का अंक बनाना जरूरी होगा
- दूसरे टेस्ट में अंग्रेजी के H अक्षर की तरह गाड़ी चलानी पडेगी
- तीसरे टेस्ट में गाड़ी पार्क करके दिखानी होगी
- चौथे टेस्ट में गाड़ी चढ़ाते समय पीछे नहीं खिसकनी चाहिए।

कैमरों से मॉनिटरिंग, प्रक्रिया पारदर्शी
विभाग ने लर्निंग लाइसेंस और परमानेंट लाइसेंस में आवेदन की प्रक्रिया को तो पूरी तरह आॅन लाइन कर दिया है। इसी तर्ज पर अब अब ड्राइविंग ट्रायल लेने की प्रक्रिया में यह बदलाव किए गए है। ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रैक से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो जाएगी। ट्रैक पर कैमरों से मॉनीटरिंग की जाएगी और सभी टेस्ट के बाद आवेदक के पास-फेल का रिजल्ट निकाला जाएगा।


ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रैक का काम अंतिम चरण में है। सिविल वर्क को पूरा कर लिया गया है। बस डिजिटल चल रहा है, जिसे अगले सप्ताह तक पूरा कर लेंगे। इसी महीने तक ट्रायल शुरू कर दिया जाएगा।
गौरव यादव, डीटीओ, लाइसेंस जगतपुरा आरटीओ कार्यालय