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छात्रसंघ चुनाव के बीच एनएसयूआई में बगावत

छात्रसंघ चुनाव के बीच एनएसयूआई में बगावत हो गई है। एनएसयूआई की राष्ट्रीय प्रतिनिधि अलका कटारिया, कथित जिला उपाध्यक्ष लोकेश मीणा, जिला सचिव ताराचंद मीणा ने संगठन से इस्तीफा दे दिया है।

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छात्रसंघ चुनाव के बीच एनएसयूआई में बगावत

भवनेश गुप्ता . जयपुर। इस्तीफे के कारण एनएसयूआई संगठन की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि चुनाव के बीच इस तरह की स्थिति से नाकारात्मक असर पड़ने की आशंका बन सकती है। इस बीच कटारिया ने आरोप लगाया कि दलित होने की वजह से उन्हें संगठन से दूर रखने की कोशिश की जाती रही। किसी तरह के काम की जिम्मेदारी देना तो दूर, मीटिंग तक में नहीं बुलाया जाता है। इस मामले में प्रदेशाध्यक्ष अभिमन्यु पूनिया व प्रदेश प्रभारी नीरज कुंदन को कठघरे में कर दिया।
कटारिया व लाकेश मीणा ने आरोप लगाया कि छात्रसंघ चुनाव में प्रत्याशियों के चयन में भी उन्हें दरकिनार कर दिया गया। पैराशूट प्रत्याशी के तौर पर उतार दिया। इस मामले में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष, एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित संगठन के अन्य पदाधिकारियों को पत्र भेजकर दखल देने की मांग की है।

'महारानी Ó पर सबकी नजर, रिझाने के लिए दिखाई जा रही फिल्म
राजस्थान विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव को जीतने के लिए प्रत्याशी तरह—तरह के जतन कर रहे हंै। जीत हासिल करने के लिए सभी की निगाहें महारानी कॉलेज पर है। कारण, महारानी कॉलेज में ही सबसे ज्यादा मतदाता है। यहां छात्र मतदाताओं की संख्या 6390 है। इसीलिए एबीवीपी, एनएसयूआई व निर्दलीय प्रत्याशियों का ज्यादातर समय डेरा यहीं लगा हुआ है। मंगलवार को सुबह कॉलेज समय पर ही एसी लग्जरी बसें कॉलेज गेट पर खडी कर दी गई। छात्राओं को बसों मंें बैठाकर घुमाने ले जाया गया। इस बीच कई छात्राओं को फिल्म भी दिखाई गई। इन मतदाताओं को रिझाने के लिए प्रत्याशी तरह-तरह के पैतरे अपना रहे हैं।


—अलका कटारिया को तो दलित कोटे से ही राष्ट्रीय प्रतिनिधि की जिम्मेदारी दे रखी थी। कटारिया सक्रिय ही नहीं रही। अब गलत बात करके आरोप लगा रही हैं। उन्होंने इस्तीफा दिया है लेकिन लोकेश व ताराचंद मीणा किसी पद पर है ही नहीं। —अभिमन्यू पूनिया, प्रदेशाध्यक्ष, एनएसयूआई