
जयपुर।
महिला आरक्षण बिल पर सियासी पारा गर्माया हुआ है। केंद्र सरकार जहां इस बिल के पॉज़िटिव पॉइंट्स बताकर इसका चुनावी श्रेय लेने में लगी हुई है, तो वहीं कांग्रेस पार्टी सहित अन्य विरोधी दल आम जनता तक इस बिल के नेगेटिव पॉइंट्स बता रहे हैं। इसी क्रम में सोमवार को कांग्रेस पार्टी की 21 महिला नेत्रियों ने 21 शहरों में प्रेस कांफ्रेंस की और महिला आरक्षण मुद्दे पर केंद्र की सरकार को घेरा।
'महिला वोटरों से डरकर नौटंकी रची'
जयपुर में कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता और सीडब्ल्यूसी सदस्य अलका लांबा ने प्रेस कांफ्रेंस की। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल को लेकर भाजपा और आरएसएस की नीयत में हमेशा ही खोट रही है। अगर ये बिल 10 साल बाद ही लागू करना था, तो सरकार को इसे 2014 में ही पेश कर देना चाहिए था ताकि ये अब तक लागू हो गया होता। इससे साफ़ है कि ये 2024 की हार से डरकर महिला वोटों के लिए नौटंकी रची गई है। जबकि महिला आरक्षण की मांग सबसे पहले कांग्रेस पार्टी ने ही उठाई थी।
'भाजपा सांसद पर आज तक कार्रवाई नहीं'
लांबा ने दिल्ली में महिला पहलवानों से दुर्व्यवहार की घटना का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि जब पहलवान बेटियां धरने पर बैठी थीं तब उनकी नहीं सुनी गई। कोर्ट के निर्देश पर सांसद बृजभूषण के खिलाफ एफआईआर हुई। लेकिन उसके बाद भी आज तक कार्रवाई नहीं हुई। लांबा ने कहा कि प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश में महिलाओं को 40 टिकट दिए। उन्होंने कहा कि केंद्र की सरकार ओबीसी विरोधी है।
'भाजपा की परिवर्तन यात्राएं फेल साबित'
राष्ट्रीय प्रवक्ता अलका लांबा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य की गहलोत सरकार की जमकर सराहना की। साथ ही भाजपा को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री राजस्थान दौरे पर तो आ रहे हैं, लेकिन यहां भाजपा की सभी परिवर्तन यात्राएं फेल साबित हुई हैं।
'मॉडल स्टेट है राजस्थान'
उन्होंने कहा कि राजस्थान एक मॉडल स्टेट है। यहां जो स्कीम्स सरकार ने लागू की हैं उसकी चर्चाएं देश भर में हैं। यहां तक कि इन्हीं स्कीम्स की वजह से कांग्रेस पार्टी ने हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक जैसे राज्यों में चुनाव जीते हैं। लांबा ने गहलोत सरकार की ओल्ड पेंशन स्कीम का भी ज़िक्र किया।
Published on:
25 Sept 2023 03:05 pm

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