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बागियों के साथ प्रत्याशियों को सता रहा अपनों की भितरघात का डर

-टिकट नहीं मिलने से नाराज हुए कई नेता पार्टी के तो साथ लेकिन अंदरखाने नाराजगी बरकरार, जयपुर जिले की प्रत्य़ेक सीट पर 4 से 5 प्रमुख नेताओं ने की थी टिकट के लिए दावेदारी

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जयपुर। टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर बगावत कर चुनाव मैदान में कूदे प्रत्याशियों के साथ-साथ कांग्रेस प्रत्याशियों को अपनों की भितरघात का भी डर सता रहा है। जिन नेताओं को टिकट नहीं मिल पाया वे नेता अंदरखाने नाराज बताए जा रहे हैं।

हालांकि दिखावे के लिए वे पार्टी प्रत्याशियों के साथ नजर आ रहे हैं लेकिन उनके समर्थकों में नाराजगी की बात कही जा रही है।बताया जाता है कि जिन नेताओं से प्रत्याशियों को भीतर घाट का डर है उन नेताओं की जानकारी कांग्रेस वॉर रूम में तैनात नेताओं को भी दी गई है।

ये भी एक वजह
विश्वस्त सूत्रों की मान्यता पार्टी प्रत्याशियों के सामने एक परेशानी है जिन विधायकों और प्रत्याशी रहे नेताओं के टिकट कटे हैं, निचले स्तर पर संगठन से लेकर स्थानीय निकायों और पंचाय़तों में उन्हीं के समर्थकों का दबदबा है। ऐसे में प्रत्याशियों को व्यापक स्तर पर अपनों का समर्थन नहीं मिल पा रहा है।

इन सीटों पर भीतर घाट का अंदेशा
पार्टी सूत्रों की मानें तो जयपुर जिले की हवामहल, किशनपोल, आदर्श नगर, मालवीय नगर, बगरू, कोटपूतली, चौमूं, जमवारामगढ़, झोटवाड़ा, फुलेरा और आमेर जैसी सीटों पार्टी प्रत्याशियों को डर सता रहा है।

पार्टी के ये वरिष्ठ नेता कर रहे समझाश
इधर बागी नेताओं और असंतुष्ट नेताओं को मनाने के लिए एआईसीसी ने भी वरिष्ठ नेताओं को जयपुर भेजा है, जो लगातार फोन के जरिए और व्यक्तिगत मिलकर भी समझाइश कर रहे हैं। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मुकुल वासनिक, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भंवर जितेंद्र सिंह, सांसद शक्ति सिंह गोहिल और पूर्व केंद्रीय मंत्री शकील अहमद खान को जिम्मेदारी दी हुई है।

मनुहार का आज अंतिम दिन
वहीं दूसरी ओर विधानसभा चुनाव में नाम वापसी का आज अंतिम दिन है। ऐसे में बागी प्रत्याशियों को मनाने के लिए भी पूरा जोर लगाया जा रहा है। बागी प्रत्याशियों के पास लगातार पार्टी नेताओं के फोन पहुंच रहे हैं। हालांकि पार्टी नेताओं को आशा है कि अधिकांश बागी चुनाव मैदान से हट जाएंगे।

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