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कांग्रेस ने बार-बार बदले चेहरे, 25 से ज्यादा को दिया मौका, एक बार ही जीते लगातार दो बार

जयपुर में नजर आ रहा बड़ा उलटफेर, भाजपा लगातार जीत रहे चेहरे भी बदलने की तरफ बढ़ा रही कदम 8 विधानसभा के 46 साल के 80 नतीजों में कांग्रेस को 15 प्रतिशत भी नहीं मिली जीत  

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जयपुर

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Vikas Jain

Oct 14, 2023

bjp congress

,

विकास जैन

जयपुर। राजस्थान विधानसभा चुनावों की घोषणा के साथ ही गर्म होती शहर की सियासत के बीच कांग्रेस और भाजपा में प्रत्याशियों के चयन की मशक्कत जोरों पर है। पहली सूची में भाजपा ने शहर के एक विधायक और एक पूर्व विधायक-मंत्री का टिकट काटकर चौंकाया है। आने वाली सूचियों में भी इसी तरह की संभावनाएं जताई जा रही है। अब तक बार-बार प्रत्याशी बदलने की रणनीति से दूर रही पार्टी बड़ा उलटफेर कर इस बार टिकट बदलने के संकेत दे चुकी है।

वर्ष 2008 में हुए परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई जयपुर शहर की मौजूदा 8 विधानसभा सीटों के 1977 से अब तक के इतिहास में भाजपा ने जयपुर शहर के 13 नेताओं को ही विधानसभा टिकट दिया है। जबकि कांग्रेस इतने ही चुनाव में 29 नेताओं को मौका दे चुकी है। हालांकि कांग्रेस की रणनीति कारगर नहीं रही और उसे अब तक हुए 10 चुनावों के 80 नतीजों में 15 फीसदी में भी जीत नहीं मिल सकी। जबकि भाजपा के 7 नेताओं ने लगातार दो बार जीत दर्ज की। इनमें 3 तो तिकड़ी भी बना चुके हैं। जिनमें नरपत सिंह राजवी, कालीचरण सराफ, राजपाल सिंह शेखावत, अशोक परनामी, रामेश्वर भारद्वाज, घनश्याम तिवाड़ी और मोहनलाल गुप्ता शामिल हैं। कांग्रेस में सांगानेर से इंदिरा मायाराम ही लगातार दो चुनाव जीत पाई है। उक्त आंकड़ों में परिसीमन से पहले के जौहरी बाजार और बनीपार्क विधानसभा क्षेत्रों के आंकड़े शामिल नहीं है।

2008 में परिसीमन के बाद रहीं 8 सीटें

2008 से पहले राजधानी में जौहरी बाजार और बनीपार्क सीट भी थी। उनमें से कई हिस्से अलग-अलग कर वर्तमान में जयपुर शहरी सीमा के अधिकांश क्षेत्रों को जोड़ने वाली 8 सीटे हैं। आमेर और बगरू विधानसभा का कुछ ही इलाका शहर में आता है।

कांग्रेस ने सात और भाजपा ने एक बार दिया महिला को मौका

जयपुर शहर में महिलाओं को टिकट देने के मामले में कांग्रेस आगे रही है। कांग्रेस ने झोटवाड़ा से एक बार, मालवीय नगर से दो बार और सांगानेर से 4 बार महिला को टिकट दिया और दो बार जीती। भाजपा ने हवामहल से एक बार मंजू शर्मा को टिकट दिया, लेकिन वह भी नहीं जीत पाई। कांग्रेस ने 5 मुस्लिम चेहरे मैदान में उतारे। जिनमें दो अमीन कागजी और रफीक खान ने किशनपोल और आदर्श नगर से जीत दर्ज की। जबकि भाजपा ने एक बार भी किसी मुस्लिम को जयपुर से टिकट नहीं दिया।

विधानसभावार रिपोर्ट कार्ड
झोटवाड़ा
कांग्रेस :
2008 : लालचंद कटारिया : हारे
2013 : रेखा कटारिया : हारी
2018 : लालचंद कटारिया : जीते

भाजपा
2008 : राजपाल सिंह : जीते
2013: राजपाल सिंह : जीते
2018: राजपाल सिंह : हारे

सिविल लाइंस
कांग्रेस
2008 : प्रताप सिंह : जीते
2013: प्रताप सिंह : हारे
2018: प्रताप सिंह : जीते

भाजपा
2008 : अशोक लाहोटी : हारे
2013 :अरुण चतुर्वेदी : जीते
2018 : अरुण चतुर्वेदी : हारे

किशनपोल
कांग्रेस
2008 : अश्क अली टांक : हारे
2013 : अमीन कागजी : हारे
2018 : अमीन कागजी : जीते

भाजपा
2008 : मोहनलाल गुप्ता : जीते
2013 : मोहनलाल गुप्ता : जीते
2018 : मोहनलाल गुप्ता : हारे

आदर्श नगर
कांग्रेस
2008 : माहिर आजाद : हारे
2013 : माहिर आजाद : हारे
2018 : रफीक खान : जीते

भाजपा
2008 : अशोक परनामी : जीते
2013 : अशोक परनामी : जीते
2018 : अशोक परनामी : हारे

हवामहल
कांग्रेस
2008 : बृजकिशोर शर्मा : जीते
2013 : बृजकिशोर शर्मा : हारे
2018 : महेश जोशी : जीते

भाजपा
2008 : मंजू शर्मा : हारी
2013 : सुरेन्द्र पारीक : जीते
2018 : सुरेन्द्र पारीक : हारे

विद्याधर नगर
कांग्रेस
2008 : विक्रमसिंह शेखावत : हारे
2013 : विक्रम सिंह शेखावत : हारे
2018 : सीताराम अग्रवाल : हारे

भाजपा
2008 : नरपत सिंह राजवी : जीते
2013 : नरपत सिंह राजवी : जीते
2018 : नरपत सिंह राजवी : जीते

सांगानेर
कांग्रेस
2008 : सुरेश मिश्रा : हारे
2013 : संजय बापना : हारे
2018 : पुष्पेन्द्र भारद्वाज : हारे

भाजपा
2008 : घनश्याम तिवारी : जीते
2013 : घनश्याम तिवारी : जीते
2018 : अशोक लाहोटी : जीते

मालवीय नगर
कांग्रेस
2008 : राजीव अरोड़ा : हारे
2013 : अर्चना शर्मा : हारी
2018 : अर्चना शर्मा : हारी

भाजपा
2008 : कालीचरण सराफ : जीते
2013 : कालीचरण सराफ : जीते
2018 : कालीचरण सराफ : जीते