
जयपुर । निजी स्कूलों में फीस बढ़ोतरी को लेकर राज्य सरकार के नोटिस को नहीं मानने के बाद सियासत गर्मा गई। इस मुद्दे पर राज्य सरकार और शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी पर कांग्रेस ने एक बार फिर निशाना साधा। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता एवं जयपुर जिलाध्यक्ष प्रतापसिंह खाचरियावास ने कहा कि राजस्थान प्रदेश की जनता के साथ राज्य सरकार और शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी धोखा कर रहे हैं। जयपुर सहित राजस्थान के सभी निजी स्कूलों ने बहुत ज्यादा फीस बढ़ा दी है।
फीस बढ़ाने से बच्चों और बच्चों के माता-पिता के सामने आज संकट खड़ा हो गया है। खाचरियावास ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा कि कांग्रेस और अभिभावकों के आंदोलन के बाद सरकार ने सभी बडे निजी स्कूलों को जिन्होंने फीस बढ़ाई है उनको नोटिस जारी करके यह आदेश दिये कि तुरन्त प्रभाव से बढ़ाई गई फीस वापिस लें। लेकिन प्राईवेट स्कूलों द्वारा सरकारी आदेशो की कोई पालना नहीं हो रही है। प्राईवेट स्कूलों ने अभी तक बढ़ाई गई फीस वापिस नहीं ली है। प्राईवेट स्कूल अभी भी बच्चों के माता-पिता पर बढ़ाई गई फीस जमा कराने का दबाव बना रहे हैं। जयपुर सहित प्रदेश के अधिकतर बच्चों को डरा-धमका कर निजी स्कूल फीस वसूल चुके हैं। इसके बावजूद ऐसे में शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी बडी-बडी बातें कर रहे हैं लेकिन आज तक प्राईवेट स्कूलों से बढ़ी हुई फीस वापिस नहीं करवा पाये। इसलिये मंत्री देवनानी को इस्तीफा दे देना चाहिये अन्यथा तुरन्त प्रभाव से सरकारी आदेश की पालना करानी चाहिये। सरकारी आदेशो की पालना कराना राज्य की भाजपा सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी बनती है।
खाचरियावास ने कहा कि 2016 में फीस नियंत्रण कानून भाजपा सरकार लेकर आई थी। कांग्रेस सरकार ने 2013 में फीस नियंत्रण कानून बनाया था, तब भाजपा सरकार ने कहा था कि हम इनसे अच्छा कानून लेकर आयेंगे, फिर भाजपा सरकार 2016 में फीस नियंत्रण कानून लेकर आई। इस कानून के तहत प्राईवेट स्कूलों को मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने का कोई अधिकार नहीं है। सरकार ने फीस वापिस लेने के दिखावटी आदेश भी जारी कर दिये लेकिन आज तक वे लागू नहीं हुये।
इससे स्पष्ट है कि बडे प्राईवेट स्कूलों के सामने राज्य सरकार और शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी ने घुटने टेक दिये हैं। इसलिये अब बच्चों के माता-पिता सरकार से भरोसा उठ जाने के बाद हाईकोर्ट की शरण ले रहे हैं। कोर्ट में भी बच्चों के माता-पिता का पैसा खर्च हो रहा है। ऐसे में राज्य की मुख्यमंत्री और उनकी चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।
खाचरियावास ने कहा कि यदि सरकार ईमानदार होती तो अब तक प्राईवेट स्कूलों को सरकारी आदेश के सामने झुककर बढी हुई फीस वापिस लेनी पड़ती, लेकिन सरकार की नीयत पर सवाल खडे हो गये है। ।
Published on:
28 Apr 2018 09:33 pm
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