
फिरोज सैफी/जयपुर।
प्रदेश में साल 2018 के अंत में हुए विधानसभा चुनाव से पहले विपक्ष में संघर्ष कर चुकी कांग्रेस पार्टी का 17 दिसंबर 2018 को सत्ता में आने के बावजूद भी सड़कों पर संघर्ष खत्म नहीं हुआ है। पौने तीन साल के कार्यकाल में सत्ता और संगठन केंद्र की मोदी सरकार और भाजपा के खिलाफ अनगिनत धरने प्रदर्शन कर चुके हैं, जबकि राजस्थान में प्रमुख विपक्षी पार्टी भाजपा भी राज्य सरकार के खिलाफ इता दमखम नहीं दिखा पाई है। बड़ी बात यह है कि इन धरना—प्रदर्शन में सत्ताधारी पार्टी के मंत्री-विधायक तो शामिल हुए ही हैं। साथ ही सरकार के मुखिया को भी कई बार सड़कों पर उतरना पड़ा है।
इन मामलों को लेकर सड़कों पर उतरे सत्ता-संगठन
राफेल डील मामला, सीएए-एनआरसी, युवा बेरोजगारी, सरकार गिराने का षड़यंत्र, कृषि कानूनों, महंगाई, पेट्रोल डीजल की दरों में लगातार वृद्धि, पेगेसस जासूसी कांड और लखीमपुर कांड। इन सब मुद्दों को लेकर कांग्रेस सड़कों पर संघर्ष करती नजर आई। जिसके बाद कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के भी लगने लगा कि जिस तरह वे विपक्ष में रहकर संघर्ष कर रहे थे वहीं संघर्ष उन्हें सत्ता में आने के बाद भी करना पड़ रहा है।
सरकार बनते ही राफेल मामले में धरने- प्रदर्शन
प्रदेश में 17 दिसंबर 2018 को कांग्रेस की सरकार बनते ही सत्तारूढ़ कांग्रेस केंद्र सरकार के राफेल डील मामले को लेकर धरना प्रदर्शन किया था। इसके बाद बीते साल 24 सितंबर से 10 अक्टूबर तक प्रदेश के सभी जिलों, कस्बों में केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध पखवाड़ा मनाया गया।
पहले पायलट अब डोटासरा के नेतृत्व में संघर्ष
प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद डिप्टी सीएम के साथ पीसीसी अध्यक्ष रहे सचिन पायलट के नेतृत्व में केंद्र की मोदी सरकार और भाजपा के खिलाफ धरने-प्रदर्शन किए गए तो उसके बाद शिक्षा मंत्री और प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व में लगातार प्रदर्शन किए।
11अक्टूबर 2021 तक तीन विरोध-प्रदर्शन
-5 अक्टूबर 2021- लखीमपुर खीरी कांड के विरोध में कलेक्ट्रेट से पीसीसी मुख्यालय तक पैदल मार्च
-7 अक्टूबर 2021-लखीमपुर खीरी कांड के विरोध में भरतपुर के ऊंचा नगला बॉर्डर से पैदल मार्च
-11अक्टूबर 2021-केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस का मौनव्रत धरना
सीएम गहलोत पांच बार उतरे सड़कों पर
सरकार के मुखिया अशोक गहलोत भी अपने पौने तीन साल के कार्यकाल में कम से कम 5 बार विरोध प्रदर्शनों के लिए सड़कों पर उतर उतर चुके हैं।
- 19 दिसंबर 2019 को सीएए- एनआरसी के विरोध में गहलोत के नेतृत्व में अल्बर्ट हॉल से गांधी सर्किल तक पैदल मार्च
- 14 फरवरी 2020को शहीद स्मारक(शाहीनबाग) में सीए एनआरसी के विरोध में महिलाओं के धरने में पहुंचे गहलोत
- 24 जुलाई 2020 को सीएम गहलोत ने विधायकों के साथ राजभवन घेरा
- 3 जनवरी 2021 को कृषि कानूनों के विरोध में शहीद स्मारक पर हुए धरने में शामिल हुए गहलोत
-5 अक्टूबर 2021 को लखीमपुर खीरी कांड के विरोध में पीसीसी के बाहर धरने में पहुंचे सीएम
इनका कहना है
भाजपा और केंद्र की मोदी सरकार ने केवल झूठे वादे करके जनता को ठगा है, इसलिए जनता की आवाज बनने के लिए कांग्रेस लगातार सड़कों पर धरने प्रदर्शन कर रही है। आखिरी सांस तक जनता के लिए सड़कों पर लड़ते रहेंगे।
गोविंद सिंह डोटासरा, अध्यक्ष
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी
Published on:
11 Oct 2021 09:15 am
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