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दिव्या मदेरणा का धारीवाल पर हमला, लड़की हूं लड़ सकती हूं, द्रौपदी नहीं हूं

कांग्रेस विधायक दिव्या मदेरणा ने बुधवार को विधानसभा में शहीद के आश्रितों के अलावा किसी अन्य को नौकरी नहीं देने के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान का समर्थन किया, वहीं नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल पर जमकर हमला बोला। दिव्या ने प्रियंका गांधी का स्लोगन दोहराते हुए कहा, लडकी हूं लड़ सकती हूं। द्रौपदी नहीं हूं

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divya maderna

जयपुर. कांग्रेस विधायक दिव्या मदेरणा ने बुधवार को विधानसभा में शहीद के आश्रितों के अलावा किसी अन्य को नौकरी नहीं देने के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान का समर्थन किया, वहीं नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल पर जमकर हमला बोला। दिव्या ने प्रियंका गांधी का स्लोगन दोहराते हुए कहा, लडकी हूं लड़ सकती हूं। द्रौपदी नहीं हूं, मुझे बाहरी कृष्ण की आवश्यकता नहीं हैं, अपनी रक्षा के लिए। आपने मीणा समाज के नेता को आतंकी कहा, जाट की बेटी का चरित्र हनन किया। मैं धरने पर बैठी तो रात को तीन बजे हाथ पकड़कर उठा नहीं पाओगे। दिव्या ने आरोप लगाया, उन्होंने जब मंत्री के आतंकी कहने वाले बयान का विरोध किया तो मेरे इलाके की 44 सड़कों को रातों-रात रद्द कर दिया।

उन्होंने धारीवाल को कहा कि इतना मत इतराइए, आपके पास मिनिस्ट्री उधार की है। गुर्जर, मीणा और जाट कांग्रेस के वोट बैंक हैं। 6 महीने बाद चुनाव में जाने वाले हैं। क्या पता इन्होंने सोच लिया हो कि हम तो डूबेंगे, आपको भी ले डूबेंगे सनम। पर मंत्री तो आलाकमान को भी चुनौती दे सकते हैं, वे तो छोटी सी कार्यकर्ता हैं। इस्तीफा प्रकरण की ओर इशारा करते हुए कहा, मैं तो उस महफिल का भी हिस्सा नहीं थी। यह तो रंधावा साहब को धन्यवाद कि सारे इस्तीफे वापस करवाए वरना मंजर कुछ और होता। अनुदान मांग पर भाजपा की ओर से अशोक लाहोटी ने कहा कि मंत्रीजी इस बार नगरीय विकास मंत्री नही केवल कोटा के यूआईटी चेयरमैन हैं।


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आलाकमान के जिक्र पर हंगामा
भाजपा के ज्ञानचंद पारख ने धारीवाल से कहा कि आपने हमेशा आपकी पार्टी को संकट से उबारा है, पर आपका अधिकारी या कर्मचारी आपकी सुनता है या नहीं यह देखना चाहिए। उन्होंने आलाकमान को लेकर टिप्पणी की तो सदन में हंगामा हो गया। सभापति ने टिप्पणी को कार्यवाही से हटा दिया। इस बीच राजेन्द्र राठौड़ ने तंज कसते हुए कहा कि मंत्री महोदय यह मर्दों का प्रदेश कह दें, असंसदीय नहीं होगा। शक्तिशाली व्यक्ति को शक्तिशाली कह दिया तो क्या गलत है।

इस पर धारीवाल ने कहा कि क्या हुआ और क्या नहीं हुआ, अंदर की बात आपको मालूम नहीं है। राठौड़ ने कहा कि मालूम हो, आप चुनौती मत दो। धारीवाल ने सभापति से ये सब कार्यवाही से हटाने के लिए कहा। पारख ने कहा कि एक साल से विधायकों को सूचना के अधिकार के तहत भी जवाब नहीं मिल रहे। ये जवाब मिल जाएं तो आपकी पोल खुल जाएगी।


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