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पानी-बिजली की दरों में बढ़ोत्तरी के खिलाफ कांग्रेस का हल्ला बोल

प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर एक साथ होगा विरोध प्रदर्शन

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congress protest

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जयपुर। पेट्रो पदार्थों और पानी- बिजली की दरों में अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी के विरोध में प्रदेश कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। बढ़ोत्तरी के खिलाफ बुधवार को प्रदेश कांग्रेस की ओर से सभी जिला मुख्यालयों पर एक साथ प्रदर्शन कर भाजपा सरकार का पुतला दहन किया जाएगा। सभी जिला मुख्यालयों पर सुबह 11 बजे आयोजित होने वाले इस प्रदर्शन में जिला कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्षों, स्थानीय नेताओं और पार्टी के पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री शामिल होंगे। राजधानी जयपुर में आयोजित होने वाले प्रदर्शन में शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रताप सिंह खाचरियावास, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट सहित पार्टी के विधायक और सांसद और पूर्व सांसद हिस्सा लेंगे।


महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ी
वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा कि देश एवं प्रदेश में जब से भाजपा की सरकार बनी है तब से महंगाई को बढ़ाने की नीति पर काम किया जा रहा है। चार वर्षों में कच्चे तेल के दामों में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर बेतहाशा कमी आई है, परन्तु भाजपा सरकार ने पेट्रोल व डीजल की दरों को कम करने के स्थान पर पेट्रो पदार्थों पर करों में वृद्धि कर उन्हें महंगा कर आम लोगों की पहुंच से बाहर कर दिया है। पायलट ने कहा कि पेट्रोल व डीजल की कीमतें बढ़ने से परिवहन महंगा हो जाता है जिससे खाद्य पदार्थों से लेकर हर प्रकार की वस्तुओं के दाम स्वत: ही बढ़ जाते हैं।

उन्होंने कहा कि देश में कई स्थानों पर पेट्रोल 83 रूपए प्रति लीटर तक उपलब्ध हो रहा है और डीजल लगभग 70 रूपए प्रति लीटर की दर पर मिल रहा है जो आम उपभोक्ता की क्रय शक्ति के बाहर है। पायलट ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने विद्युत दरों में गत समय 37 प्रतिशत की अप्रत्याशित वृद्धि की है और गत्वर्ष पानी की दरों में लगभग 17 प्रतिशत की वृद्धि की थी, साथ ही प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत वृद्धि करने के प्रावधान को लागू कर दिया था, जिससे पानी की दरें बढ़ गई हैं और उक्त सभी महंगाई के कारकों से उपभोक्ताओं पर अप्रत्याशित आर्थिक भार पड़ा है।


टिकट दावेदार दिखाएंगे दमखम
पार्टी सूत्रों की माने तो प्रदर्शन को बड़े स्तर पर सफल बनाने और ज्यादा से ज्यादा भीड़ जुटाने का टारगेट भी सभी जिलाध्यक्षों को दिया गया है।वहीं दूसरी ओर इस प्रदर्शन के जरिए विधानसभा चुनाव की टिकट के दावेदारों के बीच में शक्ति प्रदर्शन की होड़ रहेगी। ज्यादा से ज्यादा भीड़ जुटाकर दावेदार अपनी ताकत दिखाएंगे।