
कांग्रेस
जयपुर। कांग्रेस मेंपैनल तैयार करने के साथ हर सीट पर टिकट कटने से बागी के रूप में सामने आने वाले संभावित लोगों की भी सूची तैयार की जा रही है। बागियों के चलते पहले भी कांग्रेस सत्ता से दूर हो चुकी है। ऐसे में इस बार यह गलती दोहराना नहीं चाहती। जिन्हें टिकट नहीं मिलेगा, उन्हें सत्ता में भागीदारी देने को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेता पहले से ही सार्वजनिक मंचों से कहते आ रहे हैं। लेकिन अब ऐसे नेताओं से टिकट वितरण के तत्काल बाद सीधे संपर्क करेंगे। जिससे कि बागियों को भी पार्टी उम्मीदवार के समर्थन में प्रचार में उतारा जा सके।
उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक जयपुर सहित कांग्रेस में कई ऐसी सीटें बताई जा रही हैं, जहां चुनाव हारने, जातिगत समीकरण व अन्य कारणों के चलते इस बार टिकट दिया जाना संभव नहीं है। हालांकि जिन नेताओं को इस बार अपना टिकट कटने का आभास हो गया है, उनमें से कुछ ने तो अंदरूनी रूप से टिकट नहीं मिलने पर बागी के रूप में मैदान में उतरने के लिए कह दिया है। ऐसे में पार्टी
जहां भी मजबूत बागी मैदान में उतरेगा तो पार्टी को सीट खोनी पड़ सकती है। हार के अंदेशे को देखते हुए पार्टी ने ऐसे नेताओं की सूची तैयार करने के साथ ही यह भी मन बना लिया है कि नेताओं को कैसे खुश किया जाएगा। माना जा रहा है कि टिकट वितरण के बाद 19 नवंबर से नाम वापसी तक कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेता प्लान पर काम कर बागियों से बातचीत करेंगे।
यह कहा था शैलजा ने...
प्रदेश स्क्रीनिंग कमेटी की अध्यक्ष कुमारी शैलजा भी राजस्थान में दावेदार अधिक होने से टिकट वितरण को चुनौती मान चुकी हैं। पिछले दिनों ही उन्होंने राजस्थान दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत में कहा था कि टिकट वितरण दावेदार अधिक होने से किसी चुनौती से कम नहीं है।
Published on:
03 Nov 2018 10:20 am
