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14 दिन बाद भी नेता प्रतिपक्ष के नाम पर भाजपा में नहीं बन पाई सहमति, 28 फरवरी से फिर शुरू होगी विधानसभा की कार्यवाही

आपसी खींचतान के चलते एक नाम पर नहीं बन पा रही सहमति, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया को असम का राज्यपाल बनाए जाने के बाद से ही रिक्त चल रहा है नेता प्रतिपक्ष का पद

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जयपुर। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे गुलाब चंद कटारिया को असम का राज्यपाल नियुक्त करने के 14 दिनों के बाद भी प्रदेश भाजपा में अगला नेता प्रतिपक्ष कौन होगा इस पर आम सहमति नहीं बन पाई है जबकि राजस्थान विधानसभा की कार्यवाही करीब 10 दिन के अवकाश के बाद 28 फरवरी से फिर शुरू होने जा रही है जिसमें अनुदान मांगें सदन में रखी जाएंगी। पक्ष-विपक्ष के सदस्य अनुदान मांगों पर चर्चा करेंगे।

दिलचस्प बात यह है कि बीजेपी की ओर से इतने दिन बीतने के बावजूद भी नेता प्रतिपक्ष का फैसला नहीं हो पाया, जबकि भाजपा को तुरंत फैसले लेने के लिए जाना जाता है अभी तक भी नेता प्रतिपक्ष का फैसला नहीं होना सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

आपसी खींचतान में भी अटका मामला
सूत्रों की माने तो प्रदेश भाजपा में नेता प्रतिपक्ष के नाम पर सहमति नहीं बनने के पीछे एक वजह आपसी खींचतान और झगड़े भी हैं। दरअसल पार्टी में कई धड़े वह बैठे हुए हैं जो किसी भी एक नाम पर सहमत नहीं हैं। हालांकि प्रदेश भाजपा के नेताओं का दावा है कि नेता प्रतिपक्ष का फैसला पार्टी हाईकमान करेगा लेकिन अंदर खाने पार्टी के विभिन्न धड़े एक नाम पर सहमत नहीं है।

सूत्रों की माने तो वसुंधरा खेमा अपने किसी समर्थक को नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने की मांग पर अड़ा हुआ है तो वहीं विरोधी खेमा उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ को ही नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने के पक्ष में बताया जाता है। इसी के चलते एक नाम पर सहमति नहीं बन पा रही है।

हालांकि पार्टी का एक धड़ा प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष सतीश पूनिया को नेता प्रतिपक्ष बनाना चाहता है। बजट रिप्लाई भी सदन में सतीश पूनिया की ओर से दी गई थी। चर्चा यह भी है कि प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भी जातिगत और क्षेत्रीय संतुलन साधने के लिए नेता प्रतिपक्ष कौन हो, इसे लेकर चर्चाएं चल रही हैं।

पार्टी हाईकमान के फैसले पर नजर
इधर पार्टी नेताओं का कहना है कि इस पूरे मामले पर पार्टी हाईकमान की नजर बनी हुई है और पार्टी हाईकमान को ही नेता प्रतिपक्ष का नाम तय करना है। अब देखने वाली बात यह है कि पार्टी हाईकमान किसके नाम पर मुहर लगाता है। जानकारों का कहना है कि इस सप्ताह में कभी भी नेता प्रतिपक्ष के नाम की घोषणा हो सकती है।

वीडियो देखेंः- नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने दी विधायकों को चेतावनी , कहा—सदन में बोलने नहीं दूंगा