जयपुर। करौली मामले को लेकर राजनीतिक दलों की सियासत जारी हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां , नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ सहित भाजपा प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्य इसे लेकर 11 अप्रैल को दोपहर में राजभवन पहुंचकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेंगेl
भाजपा प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर पीड़ितों को न्याय, पीड़ितों को आर्थिक संबल और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग करेगाl
कांग्रेस की जमीन खिसकी-
राजस्थान के लगभग सभी जिलों में धारा 144 लगाए जाने पर राजस्थान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने बयान जारी कर कहा कि, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के शासन में तुगलकी फरमानों से बहुसंख्यक हिंदुओं के त्यौहार, भगवा रैली, रामनवमी यात्राओं पर रोक और पीएफआई की रैली को छूट यह स्पष्ट करता है कि कांग्रेस की पूरी जमीन खिसक चुकी है, जिसे बचाने के लिये अशोक गहलोत तुष्टीकरण की राजनीति कर रहे हैं, जो उनकी आखिरी असफल कोशिश है l
उन्होंने कहा कि, कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार के तुगलकी-तानाशाही फरमानों से ऐसा लगता है कि जैसे हम तालिबानी शासन में रह रहे हैं, प्रदेश के अब तक के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि हिंदू अपने त्यौहार भी नहीं मना पा रहे और ना ही शोभायात्राएं निकाल पा रहे हैं, बल्कि करौली हिंसा में पीड़ित लोगों को न्याय और आर्थिक संबल देने के बजाय कांग्रेस सरकार उन्हें डराने धमकाने का कार्य कर रही है, और हिंसा करने वालों को राजनीतिक संरक्षण दे रही हैं उन्होंने कहा कि गहलोत के शासन में शांतिप्रिय राजस्थान में चारों तरफ अशांति फैल चुकी है, बहन बेटियों को सुरक्षा देने में विफल कांग्रेस सरकार अपनी विफलताओं को छुपाने के लिए हिंदुओं को डराने के षड्यंत्रों में लगी हुई है, लेकिन मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि ना प्रदेश का हिंदू डरेगा और ना झुकेगा, पूरी एकजुटता से इस हिंदू विरोधी और जनविरोधी कांग्रेस सरकार को राजस्थान से 2023 में हमेशा के लिए विदा कर देंगें